हिमाचल में गाड़ी चलाने वालों की जेब पर पड़ेगा असर, सरकार ने जारी किया फास्टैग का नया फरमान!

Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए वार्षिक फास्टैग पास (Annual Fastag Pass) की नई दरों की अधिसूचना जारी कर दी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से जारी इस फैसले का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना इन रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। सरकार ने टोल दरों में संशोधन करते हुए अब सालाना पास के लिए एक निश्चित राशि तय कर दी है, जिससे अब यात्रा का गणित पूरी तरह बदल जाएगा।

क्या है नया टोल पास नियम और कितनी होगी कीमत?

हिमाचल प्रदेश में स्थापित टोल बैरियर पर अब वार्षिक पास बनवाने के लिए वाहन मालिकों को विशेष शुल्क देना होगा। अधिसूचना के मुताबिक, निजी कारों और जीप जैसे हल्के वाहनों के लिए सालाना पास की सुविधा को सुव्यवस्थित किया गया है। यह पास उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद होता है जो टोल के आसपास के क्षेत्रों में रहते हैं या जिन्हें बार-बार राज्य के भीतर यात्रा करनी पड़ती है। सरकार का तर्क है कि इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी और राजस्व का प्रबंधन भी बेहतर होगा।

इन वाहनों को मिलेगी राहत, इन्हें चुकाना होगा ज्यादा शुल्क

नई अधिसूचना में व्यवसायिक और गैर-व्यवसायिक वाहनों के लिए अलग-अलग स्लैब बनाए गए हैं। छोटे मालवाहक वाहनों और बसों के लिए पास की दरें अलग रखी गई हैं। स्थानीय निवासियों को राहत देने के लिए कुछ रियायतों का प्रावधान भी रखा गया है, बशर्ते उनके पास वैध दस्तावेज और संबंधित क्षेत्र का पंजीकरण हो। लोक निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये दरें तत्काल प्रभाव से लागू मानी जाएंगी और सभी टोल ऑपरेटरों को इस संबंध में निर्देश भेज दिए गए हैं।

पारदर्शिता और डिजिटल भुगतान पर जोर

सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य नकद लेनदेन को कम करना और फास्टैग के माध्यम से पारदर्शिता लाना है। अक्सर टोल नाकों पर होने वाली बहस और समय की बर्बादी को रोकने के लिए सालाना पास एक प्रभावी जरिया है। हालांकि, अचानक बढ़ी हुई दरों या नए बदलावों ने आम आदमी की चिंता भी बढ़ा दी है। विभाग का कहना है कि सड़कों के रखरखाव और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए इस तरह के नीतिगत बदलाव जरूरी हैं।

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