Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने मंडी की एक मासूम बच्ची के भविष्य को सुरक्षित कर दिया है। पिछले साल आई विनाशकारी बाढ़ में सब कुछ खोने वाली नितिका को सरकार ने 21 लाख रुपये की मदद दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के वादे को निभाते हुए जिला प्रशासन ने बच्ची के नाम 21 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कर दी है। शुक्रवार को अधिकारियों ने घर जाकर एफडी के दस्तावेज सौंपे। हिमाचल प्रदेश में सरकार का यह कदम मानवीय संवेदना की एक बड़ी मिसाल बन गया है।
घर जाकर सौंपे एफडी के कागज
शुक्रवार को मंडी के डीसी अपूर्व देवगन खुद सराज क्षेत्र के शिकावरी गांव पहुंचे। उन्होंने नितिका की बुआ और कानूनी संरक्षक किरन देवी को एफडी के दस्तावेज सौंपे। इस मौके पर एसडीएम थुनाग रमेश कुमार और परिवार के अन्य लोग भी मौजूद थे। दरअसल, मुख्यमंत्री ने मंडी दौरे के दौरान इस आर्थिक सहायता का ऐलान किया था। अब प्रशासन ने उस घोषणा को हकीकत में बदल दिया है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने साबित किया है कि वह आपदा प्रभावितों के साथ खड़ी है।
बाढ़ ने छीन लिया था पूरा परिवार
बीते 30 जून, 2025 को कुदरत का कहर इस परिवार पर टूटा था। सराज में आई भयानक बाढ़ में नितिका के माता-पिता और दादी की जान चली गई थी। उस समय नितिका की उम्र सिर्फ 11 महीने थी। उसे यह भी नहीं पता था कि उसके सिर से अपनों का साया उठ चुका है। ऐसे मुश्किल हालात में हिमाचल प्रदेश सरकार ने बच्ची का हाथ थामा है। सरकार ने परिवार की तरह उसकी जिम्मेदारी उठाई है।
हर महीने मिलेंगे 4000 रुपये
सिर्फ एकमुश्त मदद ही नहीं, नितिका को ‘सुख आश्रय योजना’ का लाभ भी दिया जा रहा है। इसके तहत बच्ची के पालन-पोषण के लिए हर महीने 4000 रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है। डीसी अपूर्व देवगन ने कहा कि सच्चा नेतृत्व वही है जो मानवीय पीड़ा को समझे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार संकट में फंसे बच्चों के लिए ढाल बनकर खड़ी है। यह मदद बच्ची को सम्मानजनक जीवन जीने में सहायता करेगी।

