Himachal News: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए। इनमें धर्मशाला में एक प्रमुख पर्यटन परियोजना को हरी झंडी देना और विभिन्न विभागों में सैकड़ों सरकारी नौकरियों को मंजूरी देना शामिल है। साथ ही, जनवरी के अंत में कार्यकाल पूरा हो रही पंचायतों के भविष्य पर भी गहन चर्चा हुई। कैबिनेट ने अप्रैल से पहले नए पंचायत चुनाव कराने के लक्ष्य पर सहमति जताई।
धर्मशाला में पर्यटकों के आकर्षण को बढ़ाने के लिए एक बड़ी परियोजना को मंजूरी मिली है। कैबिनेट ने यहां 4.3 किलोमीटर लंबी जिपलाइन स्थापित करने के लिए 7.14 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। यह निर्णय पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे आने वाले समय में पर्यटकों के अनुभव में सुधार और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
पंचायत चुनाव और प्रशासनिक संक्रमण पर मंथन
बैठक मेंआगामी पंचायत चुनावों पर विस्तार से विचार हुआ। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि चुनाव अप्रैल माह से पहले करवाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने पंचायती राज मंत्री और संबंधित अधिकारियों को तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए हैं। एक बड़ा सवाल 31 जनवरी के बाद पंचायतों के प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर है।
पंचायतों का वर्तमान कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त हो रहा है। इसके बाद सत्ता का हस्तांतरण किसे सौंपा जाए, इस मुद्दे पर भी बैठक में बातचीत हुई। हालांकि, इस बारे में कोई अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है। कार्यकाल बढ़ाने के विकल्प पर भी विचार किया गया, लेकिन अप्रैल से पहले चुनाव कराने के संकेत मजबूत हैं।
कई विभागों में सरकारी नौकरियों को मंजूरी
राज्य सरकार नेरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले किए हैं। एक्साइज विभाग में ग्यारह सहायक आयुक्त के पदों को भरने की मंजूरी दी गई है। इसी तरह, राज्य आपदा प्रबंधन सेल में भी ग्यारह नए पद सृजित किए गए हैं। राजस्व प्रशासन को मजबूत करने के लिए तहसीलदार के कई पद भी भरे जाएंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए नर्सों के पद भरने का भी निर्णय लिया गया है। इन भर्तियों से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा बल्कि सार्वजनिक सेवाओं के कामकाज में दक्षता आने की भी उम्मीद है। सरकारी नौकरियों के ये नए अवसर राज्य के युवाओं के लिए एक बड़ी राहत का काम करेंगे।
लंबित राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे की तैयारी
राजस्व विभाग मेंबढ़ते लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाने के लिए कैबिनेट ने एक खास रणनीति को मंजूरी दी है। इसके तहत सेवानिवृत्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारियों को अस्थायी आधार पर नियुक्त किया जाएगा। इन अनुभवी अधिकारियों की तैनाती विभिन्न जिलों में की जाएगी।
इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य जमीन और राजस्व से जुड़े पुराने मामलों का शीघ्र निपटारा करना है। इससे आम नागरिकों को त्वरित न्याय मिल सकेगा और प्रशासनिक कार्यों में रफ्तार आएगी। इस कदम से राजस्व विभाग के कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ने की भी संभावना है।
ये सभी निर्णय राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधार की दिशा में उठाए गए कदम हैं। पर्यटन को बढ़ावा, रोजगार सृजन और लंबित मामलों के निपटारे पर ध्यान केंद्रित करने वाले इन फैसलों का व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा। पंचायत चुनावों की तैयारी स्थानीय लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में अगला महत्वपूर्ण कदम होगा।

