Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से घाटे में चल रहे राज्य बिजली बोर्ड की किस्मत बदल गई है। बोर्ड की आर्थिक हालत में बड़ा सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि बिजली बोर्ड ने 31 दिसंबर 2025 तक 300 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया है। पिछले साल इसी समय यह कमाई 206 करोड़ रुपये थी। सीएम ने इसे अपनी सरकार की ‘व्यवस्था परिवर्तन’ नीति का असर बताया है। हिमाचल प्रदेश में अब बिजली बोर्ड फायदे का सौदा साबित हो रहा है।
शिमला और धर्मशाला में लगेंगे स्मार्ट मीटर
बिजली उपभोक्ताओं को अब हाईटेक सुविधाएं मिलेंगी। हिमाचल प्रदेश के शिमला और धर्मशाला शहरों में करीब 1.5 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इन मीटरों से लोग मोबाइल ऐप पर अपनी बिजली खपत देख पाएंगे। काला अंब औद्योगिक क्षेत्र में भी नई तकनीक का इस्तेमाल हुआ है। इससे वहां बिजली की बर्बादी में चार प्रतिशत की कमी आई है। डिजिटल तरीकों और पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया से बोर्ड का सालाना खर्च भी 46 फीसदी कम हुआ है।
बोर्ड में 2100 पदों पर होगी भर्ती
मुख्यमंत्री ने फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि आपदा के वक्त ये कर्मचारी ही बिजली बहाल करते हैं। सरकार ने बिजली बोर्ड में 2,100 से ज्यादा नई भर्तियों को मंजूरी दे दी है। इसमें 1,602 ‘बिजली उपभोक्ता मित्र’ भर्ती किए जाएंगे। इसके अलावा 500 जूनियर ‘टी-मेट्स’ को भी नौकरी मिलेगी। इन भर्तियों से हिमाचल प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा और मरम्मत के काम में तेजी आएगी।
जनजातीय क्षेत्रों में सौर ऊर्जा पर फोकस
सरकार दुर्गम इलाकों में भी बिजली पहुंचाने के लिए काम कर रही है। किलाड़ घाटी में 62 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। लाहौल-स्पीति के काजा में 148 परिवारों को सोलर सिस्टम दिए गए हैं। पांगी में भी बैटरी स्टोरेज के साथ सोलर प्रोजेक्ट लग रहे हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार सोलर प्लांट लगाने पर ब्याज सब्सिडी भी दे रही है। जनजातीय क्षेत्रों में यह सब्सिडी पांच प्रतिशत और अन्य इलाकों में चार प्रतिशत है।
कांगड़ा में बनेंगे 6 नए सब-स्टेशन
अगले वित्त वर्ष में कांगड़ा जिले में बिजली व्यवस्था और मजबूत होगी। यहां छह नए 33 केवी/11 केवी सब-स्टेशन बनाए जाएंगे। ये स्टेशन नूरपुर, देहरा, ज्वालामुखी, इंदौरा और नगरोटा बगवां के अलग-अलग इलाकों में बनेंगे। इससे लोगों को अच्छी वोल्टेज और बिना रुकावट बिजली मिलेगी। हिमाचल प्रदेश सरकार पूरे राज्य में बिजली का ढांचा सुधारने के लिए लगातार कदम उठा रही है।

