Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2025 में प्रदेशभर में साइबर ठगी की 18,573 शिकायतें दर्ज की गईं। साइबर अपराधियों ने लोगों से 130 करोड़ 65 लाख 90 हजार 696 रुपये ठगे। साइबर सैल की टीम ने ठगी गई राशि में से 28.75 करोड़ रुपये होल्ड करवाए। इन मामलों में 207 बैंक शाखाएं शामिल हैं।
साइबर ठगों के नए-नए हथकंडे
शातिर साइबर ठग हर दिन नए तरीकेअपना रहे हैं। वे डिजीटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराते हैं। इन्वेस्टमेंट फ्रॉड के जाल में फंसाकर पैसे लूटते हैं। लॉटरी और इनाम का झांसा देते हैं। एटीएम ब्लॉक होने का बहाना बनाते हैं। बैंक खाता वेरिफिकेशन करवाने के नाम पर जानकारी चुराते हैं।
अपराधी डेबिट और क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल करते हैं। फिर बैंक खातों से पैसे निकाल लेते हैं। लोगों की मेहनत की कमाई पलभर में गायब हो जाती है। साइबर सैल की टीम लगातार इन मामलों की जांच कर रही है। वे ठगी गई राशि को होल्ड करने में मदद करती है।
पिछले वर्षों का रिकॉर्ड
साइबर अपराध केमामले हर साल बढ़ रहे हैं। वर्ष 2022 में 4,169 शिकायतें दर्ज हुई थीं। उस साल आठ करोड़ 76 लाख रुपये ठगे गए। साइबर सैल ने 54 लाख रुपये होल्ड करवाए। एक महीने में औसतन 347 शिकायतें आती थीं। यह संख्या अब कई गुना बढ़ गई है।
वर्ष 2023 में शिकायतों की संख्या बढ़कर 7,040 हो गई। उस साल 41 करोड़ रुपये ठगे गए। साइबर टीम ने तीन करोड़ 75 लाख रुपये होल्ड करवाए। साल 2024 में स्थिति और गंभीर हुई। उस वर्ष 11,892 शिकायतें दर्ज हुईं। 114 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी हुई।
वर्ष 2025 में चार गुना बढ़ोतरी
वर्ष 2025 मेंसाइबर अपराध के मामलों में भारी उछाल आया। एक महीने में औसतन 1,548 शिकायतें दर्ज की जा रही हैं। यह संख्या पिछले वर्षों के मुकाबले चार गुना अधिक है। पूरे साल में 18,573 शिकायतें दर्ज हुईं। इससे साइबर अपराध की गंभीरता का पता चलता है।
साइबर क्राइम के प्रमुख रोहित मालपानी ने चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक बढ़ने से अपराध बढ़ रहे हैं। सरकार इसे रोकने के लिए कदम उठा रही है। लेकिन लोगों को स्वयं जागरूक होना पड़ेगा। अज्ञात नंबर से आए लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए।
साइबर सुरक्षा के उपाय
रोहित मालपानीने नागरिकों को महत्वपूर्ण सलाह दी। किसी के साथ ठगी की घटना होने पर तुरंत बैंक को सूचित करें। पुलिस में त्वरित शिकायत दर्ज कराएं। संदिग्ध फोन कॉल की रिपोर्ट 112 नंबर पर करें। व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें। ऑनलाइन लेनदेन में सतर्कता बरतें।
बैंक खाते और कार्ड की जानकारी सुरक्षित रखें। अजनबियों से फोन पर लंबी बातचीत से बचें। किसी भी प्रकार के लालच में न फंसें। साइबर अपराध की शिकायत तुरंत दर्ज कराना जरूरी है। इससे पैसा होल्ड करने में मदद मिलती है। अपराधियों को पकड़ना आसान हो जाता है।
