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हिमाचल प्रदेश: मुख्यमंत्री सुक्खू ने अधिकारियों को दिए निर्देश, अब हर अधिकारी गोद लेगा चार सरकारी स्कूल

Himachal News: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ‘अपना विद्यालय-हिमाचल स्कूल एडॉप्शन कार्यक्रम’ को गति देने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार शाम सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ हुई वर्चुअल बैठक में उन्होंने अधिकारियों से इस पहल में सक्रियता दिखाने को कहा। इसके तहत अब तक प्रदेश के 4,231 सरकारी स्कूलों को अधिकारियों ने गोद लिया है।

अधिकारी बनेंगे स्कूल पैट्रन

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत सभी उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त और वरिष्ठ अधिकारी कम से कम चार स्कूल गोद लेंगे। ये अधिकारी स्कूल पैट्रन के रूप में कार्य करेंगे। उन्हें हर महीने इन स्कूलों का दौरा करना होगा। इस दौरान वे छात्रों से सीधा संवाद स्थापित करेंगे।

अधिकारी छात्रों को करियर मार्गदर्शन और प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं की तैयारी के बारे में जानकारी देंगे। उन्हें स्कूलों का औचक निरीक्षण भी करना होगा। पैट्रन शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन समिति के साथ मिलकर शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का काम करेंगे।

पांच जनवरी तक सौंपनी होगी सूची

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस कार्यक्रम के तहत गोद लिए गए स्कूलों की पूरी सूची पांच जनवरी, 2026 तक सरकार को प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार छात्रों को गुणात्मक शिक्षा देने के लिए वचनबद्ध है। इसका लक्ष्य विद्यार्थियों के भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करना है।

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सुक्खू ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य कमजोर बच्चों का सही मार्गदर्शन करना है। इससे उनका उज्ज्वल भविष्य तैयार हो सकेगा। यह कार्यक्रम उपायुक्त, स्कूल प्रबंधन और सरकार के बीच सेतु का काम करेगा। यह शिक्षा सुधार के लिए दिए जा रहे बजट के सही इस्तेमाल को भी सुनिश्चित करेगा।

नशा मुक्ति और राष्ट्रीय मूल्यों पर जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के स्कूल दौरे पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को नशे की बुराइयों से अवगत कराया जाएगा। साथ ही उनमें राष्ट्रीय मूल्यों की भावना को मजबूत किया जाएगा। यह दौरे छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस कार्यक्रम के तहत अब तक 1,950 प्राथमिक स्कूल गोद लिए गए हैं। 59 माध्यमिक, 664 उच्चत्तर और 1,558 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल भी इस पहल का हिस्सा बन चुके हैं। यह आंकड़ा प्रदेश सरकार की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

चिट्टा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री ने चिट्टा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों से सभी जिलों में चिट्टा तस्करों की अवैध संपत्ति का विस्तृत ब्योरा तैयार करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि तस्करों की अवैध संपत्ति जब्त की जाएगी।

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अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा। चिट्टा कारोबार से जुड़े सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भी समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस मामले में कोई ढिलाई बर्दाश्त न करने की हिदायत दी।

निर्माण कार्यों को गति देने के आदेश

सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी विभागों के सचिवों को निर्देश दिए कि वे उन निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा कराएं जो अस्सी प्रतिशत से अधिक पूरे हो चुके हैं। इसके लिए समुचित धनराशि का प्रावधान किया जाएगा। विकासात्मक कार्यों को गति देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने वन भूमि से संबंधित स्वीकृति प्रक्रिया को विशेष अधिमान देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने उपायुक्तों से गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों का पूरा विवरण लिया। इस संबंध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश भी जारी किए।

इस वर्चुअल बैठक में प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के निर्देशों को गंभीरता से लेने का भरोसा दिलाया। यह बैठक प्रदेश के विकास और शिक्षा को नई गति देने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

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