Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने नए साल की शुरुआत में जनता को बड़ी खुशखबरी दी है। सुक्खू सरकार ने प्रदेश के पांच प्रमुख मेलों का कद बढ़ा दिया है। अब ये मेले जिला स्तरीय मेलों के रूप में मनाए जाएंगे। भाषा एवं संस्कृति विभाग ने शनिवार को इस बाबत आदेश जारी कर दिए हैं। इस फैसले से हिमाचल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति को नई पहचान मिलेगी।
इन पांच मेलों को मिला नया दर्जा
भाषा एवं संस्कृति विभाग के सचिव राकेश कंवर ने अधिसूचना जारी की है। इसमें कांगड़ा जिले के शाहपुर का ‘बोह घाटी युवा उत्सव’ शामिल है। शिमला जिले के देवरी खनेटी का ‘रिहाली मेला’ भी अब जिला स्तरीय होगा। सोलन के नालागढ़ का ‘पीरस्थान लोहड़ी मेला’ भी लिस्ट में है। बिलासपुर के घुमारवीं का ‘सीर उत्सव’ और हमीरपुर के नादौन का ‘ब्यास उत्सव’ भी अपग्रेड हुआ है।
जिलों से मिले प्रस्ताव पर लगी मुहर
इन मेलों को जिला स्तर का दर्जा देने की मांग लंबे समय से उठ रही थी। संबंधित जिलों ने हिमाचल प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजे थे। सरकार ने इन प्रस्तावों पर विचार किया और अपनी मंजूरी दे दी। शनिवार को आधिकारिक मुहर लगते ही खुशी की लहर दौड़ गई। यह फैसला स्थानीय लोगों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है।
अधिकारियों को भेजे गए निर्देश
सरकार ने अधिसूचना की प्रतियां सभी अहम अधिकारियों को भेज दी हैं। मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री के निजी सचिवों को जानकारी दी गई है। इसके अलावा शिमला, कांगड़ा, सोलन, बिलासपुर और हमीरपुर के उपायुक्तों को भी सूचित किया गया है। संबंधित भाषा अधिकारियों को भी आदेश मिल गए हैं। हिमाचल प्रदेश में मेलों का विशेष महत्व है और यह कदम पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।

