Himachal News: हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के लाखों किसानों और बागवानों के लिए जरूरी खबर है। प्रदेश सरकार ने अब ‘फार्मर आईडी’ (Farmer ID) बनाना अनिवार्य कर दिया है। कृषि विभाग के मुताबिक, इसके बिना आपको पीएम किसान सम्मान निधि, खाद और बीज पर मिलने वाली सब्सिडी नहीं मिलेगी। यह नई व्यवस्था केंद्र सरकार की एग्रीस्टैक (AgriStack) पहल के तहत लागू की गई है। इसका मकसद किसानों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से देना है।
सरकारी योजनाओं के लिए ‘फार्मर आईडी’ जरूरी
हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) सरकार अब हर किसान और बागवान की एक यूनिक आईडी तैयार कर रही है। कृषि विभाग इस काम को तेजी से पूरा कर रहा है। एक बार आईडी बनने के बाद आपको सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। कृषि, बागवानी, प्राकृतिक खेती और सिंचाई जैसी योजनाओं का लाभ सीधा मिलेगा। यहां तक कि फसल बीमा और पीएम किसान (PM Kisan) का पैसा भी इसी आईडी के जरिए प्रोसेस होगा।
घर बैठे ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
सरकार ने आईडी बनाने की प्रक्रिया को बहुत आसान और डिजिटल रखा है। आप घर बैठे आधार ई-केवाईसी (eKYC) के जरिए अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें:
- सबसे पहले गूगल पर ‘Farmer Registry Himachal Pradesh’ सर्च करें।
- सीधे hpfr.agristack.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
- ‘Farmer’ विकल्प पर क्लिक करके अपना यूजर अकाउंट बनाएं।
- अपनी जमीन और खेती से जुड़ी जानकारी भरें।
- जानकारी वेरिफाई होते ही आपकी आईडी जनरेट हो जाएगी।
लोकमित्र केंद्र में मिलेगी मुफ्त सुविधा
अगर आप ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं, तो चिंता न करें। आप अपने नजदीकी लोकमित्र केंद्र जा सकते हैं। वहां आपकी फार्मर आईडी बिल्कुल मुफ्त बनाई जाएगी। लोकमित्र केंद्र के संचालक आपको तकनीकी मदद देंगे। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) कृषि विभाग ने अपील की है कि समय रहते रजिस्ट्रेशन करवा लें। ऐसा न करने पर आप भविष्य में आने वाली सरकारी ग्रांट और सहायता से वंचित रह सकते हैं।

