Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश पशुपालन विभाग ने राज्य के सभी जिलों में पांच सौ पशु मित्रों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं। यह नियुक्ति अगस्त 2024 में अधिसूचित पशु मित्र नीति 2025 के तहत की जाएगी। विभाग ने इस संबंध में सभी जिला अधिकारियों को दिशा निर्देश भी प्रदान किए हैं।
संयुक्त निदेशकों और नियंत्रण अधिकारियों को अपने संबंधित जिलों में यह प्रक्रिया तत्परता से शुरू करने को कहा गया है। इस पहल का मुख्य लक्ष्य दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है। इससे पशुपालकों को त्वरित सहायता मिल सकेगी।
नियुक्ति प्रक्रिया को संबंधित जिले के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी की देखरेख में पूरा किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यह सारा कार्य पंद्रह फरवरी 2026 से पहले पूरा कर लिया जाए। इससे नई नीति का लाभ शीघ्र पहुंचेगा।
पशु मित्रों की तैनाती से दूरदराज के क्षेत्रों को होगा फायदा
विभाग ने जिलों को भेजे गए पत्र के साथ उन पशु चिकित्सा संस्थानों की एक सूची भी संलग्न की है। इन संस्थानों में ही नए पशु मित्रों को तैनात किया जाना है। यह कदम सेवाओं के समन्वय को सुनिश्चित करेगा।
इन पशु मित्रों की नियुक्ति से ग्रामीण इलाकों के पशुपालकों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। उन्हें पशुओं का प्राथमिक उपचार, रोग नियंत्रण सलाह और अन्य कल्याणकारी सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी। यह राज्य के पशुधन स्वास्थ्य में सुधार लाएगा।
पशुपालन विभाग की यह योजना कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। समय पर उपचार मिलने से पशुओं की उत्पादकता बढ़ेगी। इससे किसानों की आय में भी इजाफा होगा।
बिजली विभाग ने भी शुरू की बिजली मित्रों की भर्ती प्रक्रिया
इसी बीच, हिमाचल प्रदेश सरकार ने बिजली मित्रों की भर्ती प्रक्रिया भी आरंभ कर दी है। बिजली विभाग में एक हजार छह सौ दो पदों पर इनकी नियुक्ति की जाएगी। यह भर्ती प्रक्रिया भी तेज गति से चल रही है।
जानकारी के अनुसार, चयनित बिजली मित्रों को प्रतिदिन छह घंटे ड्यूटी देनी होगी। इन्हें हर महीने दस हजार रुपये का मानदेय दिया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सेवाओं का रखरखाव बेहतर होगा।
पशु मित्र और बिजली मित्र दोनों योजनाएं राज्य सरकार के स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के प्रयासों को दर्शाती हैं। ये पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा देने में मददगार साबित होंगी। साथ ही, आम जनता को बेहतर बुनियादी सेवाएं मिल सकेंगी।

