Himachal News: हिमाचल प्रदेश की सियासत में एक बार फिर भूचाल आ गया है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नौकरशाही पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर यूपी और बिहार के अफसरों को लेकर बेहद तल्ख टिप्पणी की है। मंत्री का कहना है कि ये अधिकारी राज्य में ‘हिमाचलियत’ की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के बयान का खुलकर समर्थन किया है। विक्रमादित्य की यह पोस्ट अब आग की तरह फैल रही है।
‘जब तक यहां हो, सेवा करो’
विक्रमादित्य सिंह ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि वे डिप्टी सीएम के मंडी वाले बयान से पूरी तरह सहमत हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ आईएएस-आईपीएस अधिकारी प्रदेश की संस्कृति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मंत्री ने साफ शब्दों में लिखा, “इन्हें हिमाचल से कोई सरोकार नहीं है। जब तक हिमाचल में हो, हिमाचल की सेवा करो।” उन्होंने अफसरों को नसीहत दी कि वे यहां शासक बनने की कोशिश न करें, बल्कि जनता की सेवा पर ध्यान दें।
डिप्टी सीएम ने दी थी खुली चेतावनी
यह विवाद नया नहीं है। पिछले महीने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी अफसरों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी थी। उन्होंने मंडी में एक समारोह के दौरान कहा था कि सरकार के खिलाफ काम करने वाले अफसरों से “रात के अंधेरे में निपटा जाएगा।” विक्रमादित्य का ताजा बयान डिप्टी सीएम के प्रति उनकी एकजुटता को दर्शाता है। सूत्रों का कहना है कि राज्य के कई महत्वपूर्ण पदों पर फिलहाल यूपी और बिहार के नौकरशाह काबिज हैं। मंत्री ने चेताया है कि अगर समय रहते इनसे नहीं निपटा गया, तो प्रदेश को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
हिमाचल में बाहरी अफसरों का दबदबा
आंकड़ों पर नजर डालें तो हिमाचल प्रदेश में कुल 154 आईएएस अधिकारी तैनात हैं। इनमें से 107 अधिकारी सीधी भर्ती वाले हैं। वहीं, आईपीएस अधिकारियों की कुल संख्या 96 है। राज्य में राजस्थान, आंध्र प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों के अफसर सेवाएं दे रहे हैं। विक्रमादित्य सिंह का कहना है कि बाहरी राज्यों के अफसरों का सम्मान है, लेकिन उन्हें यहां के कैडर अधिकारियों से सीखना चाहिए। सोशल मीडिया पर मंत्री की पोस्ट को अब तक हजारों लोग लाइक कर चुके हैं और बहस छिड़ गई है।

