Balh Airport: क्या बल्ह एयरपोर्ट में भी वही होगा, जो कुशीनगर तथा राजस्थान के जयपुर एयरपोर्ट में हुआ

बल्ह बचाओ किसान संघर्ष समिति ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत प्रस्तावित बल्ह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कई सवाल खड़े किए हैं। संघर्ष समिति ने प्रदेश कांग्रेस के उन आरोपों का भी संज्ञान लिया है जिसमें कहा गया है कि प्रदेश सरकार इन्वेस्टर मीट के माध्यम से बल्ह एयरपोर्ट का गुपचुप सौदा अडानी समूह से पहले ही कर चुकी है। उसे तो एयरपोर्ट जनता के पैसे से बनवाना है और फिर अपने मित्र उद्योग पति को सौंप देना है।

भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए संघर्ष समिति ने बताया कि पर्दे पीछे चल रहे इस खेल के कई उदाहरण अब सामने आ रहे हैं। यूपी का कुशीनगर एयरपोर्ट इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है। जिसके तथ्य अब देश की जनता के सामने हैं कि कैसे जनता के पैसे से बनने वाले इस एयरपोर्ट को बनने से पहले ही प्राइवेट हाथों में सौंपने का निर्णय लया जा चुका था। इस एयरपोर्ट का उदघाटन अभी 20 अक्टूबर को प्रधानमंत्री ने किया जबकि दस्तावेज बताते हैं कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सितम्बर में ही देश के अन्य 6 प्रमुख एयरपोर्ट- भुवनेश्वर, वाराणसी, अमृतसर, त्रिची, इंदौर, रायपुर और सात छोटे एयरपोर्ट- झारसुगुड़ा, गया, कुशीनगर, कांगड़ा, तिरुपति, जबलपुर व जलगांव के प्राइवेटाइजेशन को मंजूरी दे दी है। इसके लिए 2022 की शुरुआत में टेंडर आमंत्रित किये जाएंगे।

बल्ह बचाओ किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष, जोगिन्दर वालिया ने कहा कि सरकार पहले से बने एयरपोर्ट को यह कहकर प्राइवेट हाथों में बेच रही है कि वे घाटे में चल रहे हैं। सरकार का यह तर्क किसी भी समझदार इंसान के गले नहीं उतरता कि कोई भी प्राइवेट कम्पनी घाटे की चीज क्यों खरीदेगी ? दरअसल इस सबके पीछे अरबों-करोडों की देश की संपत्ति औने-पौने दामों में अपने मित्र उद्योगपतियों को सौंपने का खेल चल रहा है।

पहले जनता के पैसे से जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। फिर जनता के ही अरबों रुपये लगाकर एयरपोर्ट बनाया जायेगा और जब बनकर तैयार हो जाएगा तो संचालन के लिए अपने कॉरपोरेट मित्रों को सौंप दिया जाएगा। राजस्थान के जयपुर एयरपोर्ट पर भी यही खेल खेला गया।जनता के लगभग 400 करोड़ रुपये से पहले इस एयरपोर्ट को चाकचौबंद किया गया अब संचालन के लिए उद्योगपति अडानी समूह को सौंप दिया गया है।

जोगिन्द्र वालिया ने कहा कि बल्ह में भी मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत निर्मित होने वाले बल्ह इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भी यही हश्र होगा। विकास के नाम पर बल्ह की जनता को अपनी उपजाऊ भूमि से उजाड़ा जाएगा ओर कोडियो के भाव जमीन ली जायेगी । अनुमानतः 12000 करोड़ से बनने वाले इस एयरपोर्ट से भले ही कुछ अमीर लोगों को सुविधा मिल जाएगी मगर अधिकतर मध्यवर्ग रोजगार विहीन होकर गरीबी की ओर धकेल दिया जाएगा। क्योंकि एयरपोर्ट कोई ऐसा उद्योग तो है नहीं जिससे बड़े रोजगार पैदा होते हों।
उन्होंने बल्ह की जनता से अपील की कि सभी बल्ह की उपजाऊ जमीन को बचाने के लिए आगे आएं ओर सरकार को बिवश करे कि वे इस एयरपोर्ट को गैर उपजाऊ जमीन पर वनाया जाये ।

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