क्या हिमाचल में बनेंगे चार और नए जिले? जानिए क्या कहते है विधायक और मंत्री

शिमला. हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा सीट के अलावा, सूबे के तीन विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होने हैं. ऐसे में चर्चाएँ शुरू हो गई हैं कि चुनाव से पहले भाजपा सरकार चार नए जिले बनाने को लेकर कोई ऐलान कर सकती है.

मंडी जिले का सुंदरनगर शहर, शिमला का महासू इलाका, कांगड़ा का नूरपुर और और पालमपुर को लेकर चर्चा हो रही है. हालांकि, सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान मामले में नहीं आया है. लेकिन चर्चा हो रही है. बता दें कि हिमाचल में मौजूदा समय में 12 जिले हैं.

क्यों उठ रही मांग
दरअसल, हिमाचल में भगौलिक हालात की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. कांगड़ा का नूरपुर और पालमपुर दोनों ही जिला मुख्यालय से विपरित है. नूरपुर से धर्मशाला आने के लिए 60 किमी है. वहीं, पालमपुर से धर्मशाला की दूरी 3 किमी है. पालमपुर को कुछ माह पहले ही नगर निगम का भी दर्जा दिया गया था. इसके अलावा, शिमला में महासू इलाका काफी दूरदराज है. यहां से शिमला पहुंचने के लिए कई घंटे का सफर करना पड़ता है. हालांकि, मंडी और सुंदरनगर के बीच 20 किमी की दूरी है, लेकिन सराज, और मंडी के आउटर इलाके काफी दूर हैं. शिमला, मंडी और कांगड़ा में हिमाचल के 50 फीसदी विधानसभा क्षेत्र आते हैं.

50 साल से नहीं बना कोई नया जिला

जानकारी के अनुसार, हाल ही में भाजपा ने भी संगठन जिलों का गठन किया था. ऐसे में चर्चा जोर पकड़ रही है. बता दें कि 1966 में महापंजाब के पुनर्गठन के समय ऊना को प्रदेश के कांगड़ा जिले में शामिल किया गया. 1966 में कांगड़ा जिले का हिस्सा बनने के छह साल बाद ऊना 1 सितंबर 1972 को प्रदेश का 12वां जिला बना था. तब से लेकर अब तक 50 साल में कोई नया जिला नहीं बना है.

क्या बोले थे स्थानीय विधायक और मंत्री
बीते सप्ताह 24 अगस्त को कांगड़ा जिले के नुरपूर में गोलवां गांव में मंत्री राकेश पठानिया अहम बयान दिया था और नूरपुर को जिला बनाने का राग अलापा. जब मीडिया ने उनसे जिले के बारे में प्रश्न पूछा तो उन्होंने कहा कि वे पिछले पंद्रह साल से यह लड़ाई लड़ रहे हैं. राजा का तालाब और रे को सब तहसील बना दिया गया है. अब नूरपुर को जिला बनाने की बारी है. बता दें कि मंत्री पठानिया लगातार नूरपुर को नया जिला बनाने की मांग सरकार से करते आ रहे हैं. क्योंकि प्रदेश में मौजूदा समय में उन्हीं की पार्टी की सरकार है और वह सरकार में मंत्री भी हैं. ऐसे में वह नूरपुर को नया जिला बनाने के लिए प्रयासरत हैं.

क्या बोले स्थानीय विधायक

वहीं, पालमपुर से कांग्रेस विधायक बुटेल ने भी पालमपुर को जिला बनाने की मांग की और कहा कि कांगड़ा में डिलिमिटेशन के बाद बैजनाथ, पंचरुखी और भवारना की करीब 36 पंचायतें पालमपुर में आकर मिली हैं तो ऐसे में यहां एक भी ब्लॉक डवेलपमेंट डिपार्टमेंट नहीं है. प्रदेशभर में पालमपुर, नालागढ़ और ज्वालामुखी ऐसे क्षेत्र हैं जहां अपने बीडीओ डिपार्टमेंट नहीं है, जिनकी मांग लगातार हो रही है और इस दिशा में भी सरकार को अब जल्द फैसला लेना चाहिए.

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