विक्रमादित्य बोले- जयराम नाटी डालने और खिचड़ी खाने वाले मुख्यमंत्री

कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने रोहड़ू में मीडिया से बातचीत में कहा कि उपचुनाव के लिए मंडी संसदीय क्षेत्र से उनके परिवार से किसी सदस्य ने टिकट के लिए आवेदन नहीं किया है। पार्टी जिसे भी टिकट देगी, उसके लिए सभी एकजुट होकर काम करेंगे। विक्रमादित्य ने कहा कि जयराम ठाकुर मात्र नाटी डालने व खिचड़ी खाने वाले मुख्यमंत्री हैं। उनका अधिकारियों पर कोई नियंत्रण नहीं है। सेब सीजन में बागवानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा लेकिन सरकार के मंत्री अनापशनाप बयानबाजी करते रहे। महंगाई चरम पर है। बेरोजगारी बढ़ रही है लेकिन सरकार कुछ बोलने को तैयार नहीं है। 

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस प्रदेश में एक नया नेतृत्व देगी। उसके लिए सभी को मिलकर वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों में पार्टी को जीताना है। उसके बाद विधायक दल व कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व यह निर्णय लेगा कि किसे प्रदेश का जिम्मा सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि वह अपनी मां प्रतिभा सिंह के साथ रोहड़, चिड़गांव, डोडराक्वार व नावर क्षेत्र की हर पंचायत का दौरा करेंगे। सभी का समर्थन लेकर वह अपनी नई पारी का आरंभ करेंगे। रोहड़ू पहुंचने पर विक्रमादित्य सिंह का ढोल-नगाड़ों, फूलमालाओं से स्वागत किया गया। 

मुख्यमंत्री बनने के ख्वाब देख बहक रहे विक्रमादित्य : कुसुम

भाजपा प्रदेश सचिव और नगर निगम शिमला की पूर्व महापौर कुसुम सदरेट ने कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह के बयान पर पलटवार किया। विक्रमादित्य सिंह ने बीते दिनों शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में सरकारी कर्मचारियों और अध्यापकों के खिलाफ अंट-शंट बयानबाजी की थी। उन्होंने विक्रमादित्य सिंह की ओर से एक मंच से शिक्षकों के खिलाफ की गई बयानबाजी की जमकर निंदा की है। 

शनिवार को कुसुम सदरेट ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह कांग्रेस की सरकार बनने पर अध्यापकों को तबादले की धमकी दे रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन के बाद कांग्रेस अलग-थलग हो चुकी है। विक्रमादित्य सिंह संतुलन खो चुके हैं। विक्रमादित्य सीएम बनने के ख्वाब देख बहक चुके हैं। उन्होंनेे विक्रमादित्य सिंह को दो टूक कहा कि आपका ख्वाब सिर्फ ख्वाब ही रह जाएगा। 

वीरभद्र के करीबी ही विक्रमादित्य परिवार से दूर
कुसुम सदरेट ने कहा कि कांग्रेस की हालात ऐसी है कि स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के करीबी भी विक्रमादित्य सिंह के परिवार से अलग-थलग हो चुके हैं। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर को विक्रमादित्य सिंह की सुध लेने की सलाह दी है। कहा कि विक्रमादित्य सिंह खुद को स्वतंत्र नेता और कांग्रेस का वारिस समझते हैं। अपनी खिसकती राजनीतिक जमीन को संभालने के लिए विक्रमादित्य सिंह अंट-शंट बोल रहे हैं। 

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