भारतीय कानून और संविधान के विरोध के पीछे विक्रमादित्य और अनुराग ठाकुर का हाथ- रवि कुमार दलित

हिमाचल में स्वर्ण आयोग की मांग कर रहे स्वर्ण संगठनों और भीम आर्मी के बीच लड़ाई दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। जहां देव भूमि क्षत्रिय संगठन और संयुक्त स्वर्ण मोर्चा की ओर से स्वर्णों को संगठित कर सरकार पर स्वर्ण आयोग बनाने का दबाब बनाया जा रहा है। वही भीम आर्मी के साथ अन्य दलित संगठन सरकार से शिमला में संविधान व भारतीय कानून की अर्थी निकालने के खिलाफ लगातार कार्यवाही की मांग कर रहे है। दलित संगठनों का कहना है कि हमें स्वर्ण आयोग से कोई समस्या नही है। लेकिन जो प्रदेश में भारतीय कानून और संविधान का अपमान किया गया उस अपराध के खिलाफ सरकार कानूनी कार्यवाही करे।

आज धर्मशाला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में देव भूमि क्षत्रिय संगठन के अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर स्वर्ण आयोग के समर्थन में आ रहे अन्य स्वर्ण संगठनों को धमकाते नजर आए। उन्होंने कहा कि किसी ने श्रेय लेने की कोशिश की तो हम डंडा घुमाने में भी परहेज नहीं करेंगे। उन्होंने एक प्रतिशत रोकने पर खून बहाने और लठ्ठ घूमाने की चेतावनी भी दी। जब एक पत्रकार ने पूछा कि आप यह किस भाषा का प्रयोग कर रहे है और लठ्ठ आखिर है क्या? तो रुमित सिंह कोई भी सही जबाब नही दे पाए। वह मीडिया के सामने टालमटोल करते नजर आए और 50 सालों के दुख की दुहाई देते नजर आए। लेकिन उनके तेवर से साफ नजर आ रहा था कि वह कल किसी ना किसी अनहोनी को अंजाम देंगे। क्योंकि वह अपने बयान में कहा कि हम लठ, लातों घूसों के मारने की बात कहते भी दिखे।

उधर भीम आर्मी के अध्यक्ष रवि कुमार दलित ने मीडिया को दिए बयान में सीधे सीधे विधायक विक्रमादित्य और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर पर इस मामले पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य ने विधानसभा में मुद्दा उठाया था और कल स्वर्ण आयोग के लिए धरना प्रदर्शन है तथा परसों अनुराग ठाकुर धर्मशाला पहुंच रहे है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यह रिश्ता क्या कहलाता है।

अब देखना यह होगा कि कल धर्मशाला में क्या घटित होगा। क्या सरकार संविधान और कानून के अपमान करने वालों पर कार्यवाही करेंगे या फिर शिमला जैसे पुलिस, प्रशासन और सरकार मूक दर्शक बने रहेंगे।

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