Curruption: विजिलेंस ने नौ महीनों में पकड़े 10 रिश्वतखोर अधिकारी, 168 शिकायतों में जांच जारी

शिमला। Himachal Vigilance Team, विजिलेंस भ्रष्टाचार पर करारा वार कर रही है। विजिलेंस एंड एंटी क्रप्शन ब्यूरो ने इस साल नौ महीनों में घूसखोरी के दस मामले पकड़े हैं।

इसमें आरोपित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी के पास विभिन्न विभागों से भ्रष्टाचार की सैकड़ों शिकायतें आ रही हैं। इनमें से 162 शिकायतों को प्रथम दृष्टया सही पाया गया है। इसमें प्रारंभिक जांच आरंभ हो गई है। अगर जांच के दौरान आरोपों को लेकर पुख्ता सुबूत मिले तो उस हालत में केस दर्ज होंगे। विजिलेंस केस दर्ज करने के लिए सरकार से अनुमति मांगेगी।

आइजी विजिलेंस रामेश्वर सिंह ठाकुर ने बताया कि एडीजीपी के निर्देश पर लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटारा जा रहा है। इस साल ही इन्क्वायरी के 234 मामलों को निपटाया गया। ये मामले काफी समय से लंबित चल रहे थे।

28 मामले किए दर्ज

विजिलेंस ने इस साल सितंबर महीने तक भ्रष्टाचार के अलग- अलग 28 मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों की गहनता से जांच की जा रही है। जबकि इसी साल पुराने 50 मामलों का निपटारा किया गया है। इन्हें संबंधित न्यायालयों में भेजा गया है। अब चार्जशीट के आधार पर आरोपितों के खिलाफ ट्रायल शुरू हो गया है।

मनाया जागरूकता सप्ताह

विजिलेंस ने 26 अक्टूबर से लेकर पहली नवंबर तक जागरूकता सप्ताह मनाया। इस दौरान विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों को भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूक किया। साथ ही आगाह भी किया अगर कोई भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। आइजी ने बताया कि कोई भी व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस को शिकायत कर सकता है। शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा।

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