मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला, कोरोना कर्फ्यू में भी दौड़ती रहेंगी बसें

हिमाचल प्रदेश में गुरुवार मध्यरात्रि से कोरोना कर्फ्यू लागू हो जाएगा, मगर कोरोना कर्फ्यू के दौरान बसों की आवाजाही सामान्य रहेगी। इंटर स्टेट और इंट्रा स्टेट मूवमेंट पर कोई भी बंदिश नहीं होगी। मतलब राज्य के भीतर और बाहरी राज्यों के लिए बसों में नियमित संचालन होता रहेगा। यह निर्णय प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया है। प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए मंत्रिमडल की बैठक में सख्त निर्णय लिए गए हैं।

राज्य सरकार द्वारा सभी निजी व सरकारी कार्यालय को 16 मई तक बंद कर दिया गया है, मगर इस अवधि के दौरान बसों का संचालन पहले की तरह चलता रहेगा। राज्य के भीतर व राज्य से बाहरी रूटों पर लोगों को नियमित बस सेवा उपलब्ध मिलेगी। हालांकि कार्यालयों व स्कूल-कालेजों के बंद होने से रूटों पर बसों की संख्या कम होने की संभावना जताई जा रही है, मगर यात्रियों को एक से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए डिमांड व जरूरत के हिसाब से बसों का संचालन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में मौजूदा समय के दौरान इंटर स्टेट के 1800 के करीब रूटों पर बसों का संचालन किया जा रहा है। वहीं, निगम प्रबंधन द्वारा इंटर स्टेट के 175 रूटों पर परिवहन सेवा उपलब्ध करवाई जा रही है। कोरोना को लेकर प्रदेश में निजी व सरकारी कार्यालय बंद कर दिए गए हैं। ऐसे में निगम की बसों में ऑक्यूपेंसी दर कम रहने की संभावना जताई जा रही है। इसको देखते हुए निगम प्रबंधन द्वारा भी बसों के संचालन कम करने की सूचना है। सूत्रों के मुताबिक कार्यालयों के बंद होने से इंटर स्टेट व राज्य के बाहरी रूटों पर चलने वाली बसों की संख्या कम करने की योजना है। रूटों पर बसों का संचालन यात्रियों की संख्या के आधार पर किया जाएगा।

50 फीसदी क्षमता के साथ चलेगी बसें

प्रदेश मंत्रिमडल के निर्णय के तहत राज्य में बसों का संचालन 50 क्षमता के साथ होगा। ऐसे में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता हे। चूंकि निजी बस ऑपरेटर पहले से ही मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे हैं। उस पर निगम की बसों में 50 फीसदी क्षमता की शर्त जनता पर भारी पड़ सकती है।

सफर करने से पहले रजिस्टे्रशन जरूरी

निगम की इंटर स्टेट बसों में सफर करने से पहले यात्रियों को अपनी रजिस्टे्रशन करवानी अनिवार्य होगा। हॉट स्पॉट से बॉर्डर क्रॉस करने वालों को आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य किया गया है। उन्हें 72 घंटे पहले की रिपोर्ट लाना अनिवार्य रहेगा। तय शर्ताें के आधार पर ही सफर की अनुमति मिलेगी।

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