हजारों मेधावी छात्रों को दो साल बाद मिलेंगे लैपटॉप, अगले सत्र में मिलेंगे टैब या मोबाइल

हिमाचल प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों के हजारों मेधावियों का लैपटॉप लेने का इंतजार दो साल बाद खत्म होने जा रहा है। प्रदेश के करीब 19 हजार मेधावियों को 20 सितंबर के बाद सरकार की ओर लैपटॉप दिए जाएंगे। इसके लिए तीन कंपनियों का चयन कर लिया गया है। कंपनियों को छह हफ्ते के भीतर लैपटॉप वितरण के लिए कहा गया है। शैक्षणिक सत्र 2018-19 और 2019-20 के मेधावियों को लैपटॉप दिए जाने हैं। 10वीं और 12वीं कक्षा सहित कॉलेजों के मेधावियों को राज्य सरकार सम्मानित करने के लिए लैपटॉप देती है। दो साल से मेधावी लैपटॉप के इंतजार में हैं।

दिसंबर 2017 में प्रदेश की सत्ता में आई जयराम सरकार अभी तक शैक्षणिक सत्र 2018-19 और 2019-20 के साढ़े 19 हजार मेधावियों को लैपटॉप नहीं दे सकी है।

बीते तीन वर्षों से लैपटॉप की खरीद प्रक्रिया ही जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेमकुमार धूमल के कार्यकाल में शुरू हुई मेधावियों को लैपटॉप देने योजना को जारी रखने या बंद करने को लेकर प्रदेश सरकार साल 2018 अंत तक संशय में रही। फरवरी 2019 में सरकार ने स्कूलों के 8800 और कॉलेजों के 900 मेधावियों के लिए लैपटॉप खरीद करने का फैसला लिया।

इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन से लैपटॉप खरीद की प्रक्रिया शुरू करवाई गई। कॉरपोरेशन के साथ विवाद होने के बाद निदेशालय ने वर्ष 2020 में स्वयं लैपटॉप खरीदने का फैसला लिया। वर्ष 2020 में तीन बार शिक्षा विभाग ने जैम पोर्टल के माध्यम से खरीद प्रक्रिया शुरू की, लेकिन किसी भी कंपनी ने इसमें दिलचस्पी नहीं ली। 31 मार्च 2021 को लैपटॉप खरीद का बजट लैप्स होने के बचाने के लिए शिक्षा विभाग ने खरीद के लिए दोबारा इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन से टेंडर करवाए। कॉरपोरेशन ने बीते अप्रैल से जुलाई तक पांच बार टेंडर आमंत्रित किए लेकिन कोई कंपनी आगे नहीं आई। अब तीन कंपनियों का चयन कर लिया गया है।

अगले सत्र से टैब या मोबाइल देने का है विचार
प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों के मेधावियों अगले सत्र से टैब या स्मार्ट मोबाइल फोन दिए जाएंगे। जयराम सरकार लैपटॉप देने की योजना में बदलाव करने जा रही है। इस नई व्यवस्था से लाभान्वित विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। शैक्षणिक सत्र 2020-21 और 2021-22 के मेधावियों के लिए नए डिजिटल डिवाइस की खरीद की जाएगी। इसको लेकर शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव बनाना शुरू कर दिया है। जल्द ही इस प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

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