नाचन के यह छह गांव है सड़क सुविधा से महरूम, लोग अपने पैसे खर्च कर सड़कें बनाने को मजबूर

आज हिमाचल प्रदेश सरकार विकास के कितने भी दावे कर ले। लेकिन धरातल पर स्थिति बेहद खराब है। आज देश को आजाद हुए 74 साल हो चुके है लेकिन फिर भी हिमाचल में सैकड़ों गांव ऐसे है जहां विकास तो दूर, सड़क सुविधा तक नही है। ऐसे ही मामला हिमाचल में सबसे ज्यादा वोटों से जीते विधायक के विधानसभा क्षेत्र की पंचायत मशोगल से निकल कर सामने आया है। जहां छह गांव के पांच हजार से ज्यादा लोग सड़क सुविधा से वंचित है।

यहां की जनता की प्रमुख व मुख्य मांग

यहां की जनता की प्रमुख मांग है कि खनिऊडी से बखरौट तक सड़क बनाई जाए। इस सड़क के बनने से खनिऊडी से बखरौट की दुरी 8 से 10 किमी रह जाएगी। जबकि अभी स्थानीय लोगों को वाया जाच्छ- पांगणा करसोग 47 किमी दूर पड़ता है। इस सडक से मशोगल पंचायत, कुटाहची, सोरता, बखरौट पंचायत की 7 से 8 हजार लोग लाभान्वित होगें। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाचन विधानसभा के विधायक विनोद कुमार हर बार लोग के बीच जा कर झूठ बोलते हैं। यह कह कर चले जाते हैं कि मैंने यह सडक नेशनल हाइवे में डाली है।विधायक हर बार बताता है कि यह सड़क पण्डोह से बखरौट वाया चैलचौक, जहल, देवीदहड से टनल खनिऊडी को खनिऊडी से बखरौट तक बनेगी। और हर बार लोग को ऐसे झूठे आश्वासन दे कर चले जाते है।

लोगों को दिखाए जाते है नेशनल हाईवे के सपने

स्थानीय जनता का कहना है कि मशोगल पंचायत की अधिकांश सड़के स्थानीय लोगो ने अपनी जेब से लाखो रूपये लगा कर बनाई है। उन्होंने वहां दिन रात खुद जैकहैमर मशीन के साथ काम किया। जनता आज भी अपनी जेब से खर्चा करके अपने पैसों से इलाके में सडके निकाल रही है। गांव के लोगों ने कहा कि विधायक विनोद कुमार के नौ साल पुरा होने को हैं। मशोगल पंचायत में एक भी सडक लोक निर्माण विभाग व अपनी विधायक प्राथमिकता नहीं डाली। वह जब भी मशोगल पंचायत आते हैं, हर बार नेशनल हाईवे का झूठा आश्वासन दे कर चले जाते हैं। जबकि यह जिला मण्डी अति की दुर्गम पंचायत है। यहां कि अधिकांश लोग रोज बाजार से 3 से 4 चार किलोमीटर पैदल चल कर घर का समान लेकर आते है या घोडे खच्चर का प्रयोग करते है।

स्थानीय जनता विधायक की इस अनदेखी से काफी नाराज है और बताती है कि विधायक साहब सिर्फ पंचायत में अपनी पार्टी और चुनावो की बाते करने आते हैं। स्थानीय लोग भ्रष्टाचार या अपने हितों की बात करे तो विधायक यह कह कर डराते धमकाते हैं कि बासा काॅलेज में मेरा रैपो पूछ लेना। इस पर आम जनता का कहना है कि जनता इनसे भीख नही मांगती है। इनको इनके कर्तव्य याद दिलाती है। चुनावों के समय पांव छूकर बहुत ड्रामा करते है, लेकिन अब इनको तक अपने वादे याद नहीं है। गांव को लिंक रोड नहीं बना पा रहे है। जिला की मुख्य सड़क करसोग से मण्डी सरकार से नहीं बन पा रही है। यह नेशनल हाईवे की बात करते हैं, लेकिन यहां अभी बहुत स्थान ऐसे है जहां में सडके बनी भी नहीं है।

मंत्रियों के बगीचों के लिए सड़क है लेकिन आम जनता के लिए नही

स्थानीय जनता में रोष है कि यहां मंत्री के बगीचे के लिए तो जंगल उजाड़ कर सड़के बन जाती है। वहां ना तो बजट की समस्या होती है और ना ही जंगल की बात की जाती है। लेकिन स्थानीय लोगों के लिए सड़क बनाने की बात आती है तो वहां बीच में जंगल आने का बहाना बनाया जाता है और यह बहुत बड़े दुर्भाग्य की बात है। गांव वालों ने हिमाचल प्रदेश सरकार से मांग की है कि मशोगल पंचायत के विकास कार्य पर ध्यान दे। ताकि जनता को कठिनाईयों का सामना ना करना पड़े।

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