नाचन की पंचायत मशोगल में देव महासू मंदिर में नहीं है पीने के पानी की व्यवस्था

नाचन के मशोगल पंचायत में श्री देव महासू मंन्दिर में हर साल सैर उत्सव धूमधाम और बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता है और ज्येष्ठ मास की संक्रांति को देवता जी जन्मदिन मनाया जाता है । बहुत से लोग देवता के दर्शन करने आते है। पर बडे दुर्भाग्य की बात है सरकार ने यहां की आस्था का कभी ख्याल नहीं किया यहां पर ना तो पीने योग्य पानी है, ना कोई सडक सुविधा मार्ग है। पीने का पानी भी यहां एक छोटी सी झील है। वहां से सभी पानी पीते है। झील का पानी खराब है।

जिस झील से भेड बकरियां व जानवर पानी पीते है, उसी झील से लोग पानी पीते है। अन्य कोई जल का स्त्रोत नहीं है। आज तक यहां सरकार पीने के पानी और सडक की व्यव्स्था नहीं कर पाई। मंन्दिर के साथ लगते गांव शडाण, चक्डार, थाना, बहली बकारण और शैथल तक भी कोई सड़क मार्ग नहीं है। सरकार ने कभी इस क्षेत्र की तरफ नहीं देखा तक नही, और ना यहां की जनता की कोई सुध ली।

इतनी जनता मंन्दिर में दर्शनों के लिए आती है उनके लिए भी यहां पर कोई पानी की व्यवस्था नहीं है। सभी श्रद्धालुओं को झील का गंदा पानी पीना पड़ता है, जहाँ से सभी पशु भेड बकरीयां सभी जानवर पानी पीते हैं ।

स्थानीय निवासी श्री कुशाल राजपूत, हेमराज, सोहन सिंह,नरेंद्र कुमार, जीतराम, बलदेवशर्मा, नन्दलाल शर्मा , तेजराज शर्मा ,चुनीलाल जी ने हिमाचल सरकार से मांग की है कि इस समस्या को मद्देनजर रखते हुए वहाँ पर सड़क और मंदिर में पानी की व्यवस्था की जाये ताकि वहाँ पर जो लोगो का आस्था केंद्र बना हुआ है लोग वहाँ पर आते जाते रहें।

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