पालमपुर डिपो में 38 लाख का घोटाला होने की आशंका, ओवर टाइम और रात्रि भतों में हुआ है गोलमाल

Himachal News: हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) में चंबा, देहरा की तरह ही चालकों व परिचालकों के एरियर में पालमपुर डिपो में भी लाखों का गड़बड़झाला हुआ है। इस संबंध में धर्मशाला के मंडलीय प्रबंधक डीएम की प्रारंभिक रिपोर्ट निगम मुख्यालय पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार इस पर अकाउंट ब्रांच ने सख्त टिप्पणी की है। इसमें कहा गया है कि एक ही तरह के मामले में दो तरह के मापदंड नहीं हो सकते। जबकि चंबा, देहरा में जांच कमेटी बिठाई गई तो पालमपुर में क्यों नहीं।

उधर, हिमाचल प्रदेश ट्रांसपोर्ट वर्कर यूनियन के अध्यक्ष नानक चंद शांडिल, परिवहन कर्मचारी संबंधित इंटक के कार्यकारी अध्यक्ष हरदयाल ङ्क्षसह ने आरोप लगाया कि डीएम ने मामले पर लीपापोती करने के प्रयास किए हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि इसमें जांच कमेटी गठित नहीं हुई तो कर्मचारी आंदोलन करेंगे।

क्या कहते हैं अधिकारी

उधर, धर्मशाला के मंडलीय प्रबंधक राजकुमार जरयाल से भी पक्ष जानना चाहा, लेकिन नहीं पाया। वह अवकाश पर हैं। दोनों मोबाइल फोन नंबर स्वीच आफ हैं। इनके कार्य का अतिरिक्त कार्यभार हमीरपुर के डीएम अवतार ङ्क्षसह के पास हैं। अवतार ङ्क्षसह ने बताया कि मंैने देहरा डिपो की जांच की थी। घोटाले के आरोपितों पर कार्रवाई की गई थी, अब बहाल भी हो गए हैं। आरोपितों ने पैनेल्टी नहीं दी है। डीएम ने बताया कि धर्मशाला डिपो की जांच के बारे में जानकारी नहीं है। 30 तक तक डीएम अवकाश पर रहेंगे।

क्या है मामला

एचआरटीसी के चंबा डिपो में चालकों और परिचालकों के ओवरटाइम और रात्रि भत्तों में 38 लाख का घोटाला हुआ था। जांच के दौरान ही सीनियर आडिटर ने तीन लाख रुपये जमा करवा दिए थे। इस मामले में कैशियर पिछले साल 29 जून से ही लापता हो गए थे। इस संबंध में हिमाचल परिवहन निगम मजदूर संघ के अध्यक्ष शंकर ङ्क्षसह ठाकुर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत की थी। उसके बाद जांच टीम गठित की गई। जांच में आरोप सही पाए गए। जांच से पता चला है कि चंबा में कई वर्षों से गड़बड़झाला हो रहा था। जांच रिपोर्ट के आधार पर आरएम समेत तीन कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया। इनमें क्षेत्रीय प्रबंधक सुभाष सन्होत्रा, अनुभाग अधिकारी हितेंद्र पठानिया ,कैशियर सुभाष चंद्र , सीनियर आडिटर आदि शामिल रहे।

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