चीख पुकार से गूंज उठा गांव, नम आंखों से ग्रामीणों ने दी गांव की बेटी को अंतिम विदाई

दो साल पहले जिस घर से मां बाप ने अपनी इकलौती बेटी ज्योति को दुल्हन बनाकर डोली में बिठाकर खुशी-खुशी विदा किया था उसी घर के आंगन में बेटी की अर्थी उठी। ज्योति की अर्थी को दुल्हन की तरह सजाया गया था। टुकड़ों में बटा ज्योति के कंकाल को देखकर माता सवित्री देवी बिलखते हुए बेहोश हो गई।

चीखो पुकार से पूरा गांव गूंज उठा। नम आंखों से सैंकड़ों ग्रामीणों ने गांव की बेटी को अंतिम विदाई दी।

error: Content is protected !!