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हिमाचल के किसानों के हितों की लड़ाई दिल्ली तक लड़ी जाएगी: राकेश टिकैत

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के किसानों के हितों की लड़ाई दिल्ली तक लड़ी जाएगी। किसान संघर्ष संयुक्त मोर्चा हिमाचल के किसानों की समस्याओं का ड्राफ्ट तैयार कर सरकार से वार्ता करेगा।

किसानों के हितों की बात अगर सरकार मान जाती है तो ठीक है, अन्यथा आंदोलन किया जाएगा। हिमाचल में यह एक बड़ा किसान आंदोलन होगा। टिकैत सर्किट हाउस मंडी में पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे। बल्ह बचाओ संयुक्त संघर्ष मोर्चा के संयोजक जोगिंद्र वालिया, देवीरूप सैणी और अन्य किसान नेता भी मौजूद रहे।



टिकैत ने बल्ह में प्रस्तावित एयरपोर्ट को कहीं और बनाने की मांग की। कहा कि रेलवे और फोरलेन के लिए जहां भी किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, उन्हें भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के अनुसार चार गुना मुआवजा दिया जाए। यह भी सर्वे किया जाएगा कि पूर्व में बनी जल विद्युत परियोजनाओं की वर्तमान में हालत क्या है, उनकी वजह से विस्थापित किसानों को मुआवजा मिला है, उनका पुनर्वास और पुनर्स्थापन हुआ है या नहीं।



टिकैत ने कहा कि हिमाचल में मक्की की फसल बड़े पैमाने पर होती है। धान, सब्जियों और फलों पर एमएसपी कानूनों के तहत सब्सिडी दी जाए। अदानी और अंबानी की कंपनियां सेब के दाम गिराकर किसानों बागवानों को उनकी फसलों के उचित दाम नहीं देती हैं। संयुक्त संघर्ष मोर्चा कंपनियों के अधिकार में फूडचेन का विरोध करता है। किसान नेता ने अग्निपथ योजना को नकारते हुए कहा कि इस योजना से युवाओं का मानसिक, शारीरिक और आर्थिक शोषण होगा। सरकार किसानों को एमएसपी नहीं देना चाहती। हिमाचल में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इसके किसानों को लाभ होगा।

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