VIDEO: पुलिस जवान की जेब में चरस मिलने के मामले में सोशल मीडिया पर उठी पुलिस अधीक्षक के इस्तीफे की मांग

हिमाचल भले ही आज भी देवभूमि कहलाता हो और यहां के लोगों को भोला भाला समझा जाता हो लेकिन अब हिमाचल में यह स्थिति बहुत कम देखने को मिलती है। आए दिन पुलिस प्रदेश भर में नशा माफियाओं, नशा तस्करों और अपराधियों की धर पकड़ करती रहती है। हिमाचल में अपराध का आंकड़ा इतना ज्यादा बढ़ चुका है कि अब हिमाचल पुलिस अपराध को रोकने में नाकाम नजर आ रही है। जोकि चिंता का विषय है, आम जनता की सुरक्षा एक गंभीर विषय बनता जा रहा है।

यहां आम आदमी ही नही बल्कि कई मामलों में पुलिस के जवान भी संलिप्त पाए जा रहे है। जिसके चलते आम जनता में भय का माहौल तैयार होता नजर आ रहा है। ऐसा ही ताजा मामला पिछले कल मंडी के सुंदरनगर से सामने आया है। जानकारी के मुताबिक हेरोइन की बरामदगी के लिए पुलिस के जवान सादी वर्दी में घर में पहुंचे। लेकिन एक जवान जेब में चरस लेकर आया था। जिस पर परिवार वालों ने हंगामा कर दिया और आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें फंसाना चाहती है। पुलिस जवानों की तलाशी ली तो एक जवान (Mandi Police) के पास चरस बरामद हुई। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों में आ गई और उसे बेरंग लौटना पड़ा।

मंडी जिले के सुंदरनगर में चिट्टे की गुप्त सूचना पर नगर परिषद क्षेत्र में छापामारी के लिए पहुंची। मंडी जिला पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट की टीम स्वयं ही टीम के एक सदस्य के पास चरस मिलने पर घिर गई। टीम सदस्य के पास चरस मिलने पर घर के लोगों ने जमकर हंगामा कर दिया। बाद में टीम को युवक को क्लीन चिट देकर अपना पल्ला झाडऩा पड़ा। मामले की वीडियो भी वायरल हुए हैं। इसमें परिजन आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस उन्हें फंसाना चाहती थी। इस दौरान पुलिस जवान और घर के लोगों में जमकर बहसबाजी भी हुई।

युवक के परिजनों का कहना है कि पुलिस जान-बूझकर उनके बेटे को झूठे केस में फंसाना चाहती है, इसीलिए पहले से ही उन्होंने अपने पास भांग रखी हुई थी। इसी पूरी कार्रवाई के वीडियो भी मौके पर मौजूद लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए है। पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्रिहोत्री ने कहा कि एसआईयू की टीम गुप्त सूचना पर ही युवक के घर छापामारी के लिए गई थी, इसके बाद जो कुछ भी हुआ है कि उसकी पूरी जांच करवाई जाएगी।

अब यह मामला लगातार तूल पकड़ता नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर कई सामाजिक संस्थाओं और आम लोगों ने पुलिस अधीक्षक मंडी को निलंबित करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यह अच्छी बात है कि पुलिस अपराधियों को पकड़े और उनको जेल में डाले ताकि हिमाचल के माहौल ना बिगड़े तथा आम आदमी की सुरक्षा निश्चित हो सके। लेकिन हेरोइन पकड़ने गए जवानों की जेब में भांग का मिलना पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है। समाजसेवी संस्था राइट फाउंडेशन के अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर पोस्टों के माध्यम से पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े किए है। उन्होंने मांग करते हुए लिखा है कि मंडी पुलिस ने आज तक कितने लोगों को ऐसे झूठे केसों में फंसाया है इस बात की जांच होनी चाहिए और संबंधित पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए।

सुरेश कुमार ने एक अन्य पोस्ट में पुलिस अधीक्षक मंडी को निलंबित करने की मांग की है और लिखा है कि क्या पुलिस आम जनता को भांग के केसों में फंसाती है? अगर नही तो पुलिस जवान की जेब में भांग क्यों थी। सोचो आज तक मंडी पुलिस ने भांग, चिट्टे और ड्रग्स के कितने केस ऐसे ही बनाए होंगे.. ताकि उनका प्रमोशन हो और आम जनता को अपराधी बनाया जाए। मंडी पुलिस को शर्म आनी चाहिए और नैतिक जिमेदारी लेते हुए पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। ऐसी अपराधी पुलिस हमें नही चाहिए।

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