शिमला: बाबा साहेब के आरक्षण की अर्थी निकालने वाले शब्द पर भड़का दलित समाज

भीम आर्मी एकता मिशन के प्रदेश अध्यक्ष रवि कुमार दलित ने बाबा भीमराव अम्बेडकर के दलित आरक्षण को लेकर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा आपसी सौहार्द व भाईचारे को समाप्त कर जातिय दंगे भड़काने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके चलते सरकार व पुलिस प्रशासन को प्रदेश की शान्ति भंग करने को लेकर इन लोगों पर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि किसी राजनीतिक महत्वाकांक्षा व दृष्टिकोण के चलते किसी गहरी साजिश के तहत प्रदेश का माहौल खराब करने की योजना बनाई जा रही है। जिसको कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। इन असामाजिक तत्वों द्वारा गैर कानूनी ढंग से असंवैधानिक तौर पर प्रदेश सरकार पर दबाव बनाकर स्वर्ण आयोग बनाने की मांग की जा रही। जो इनके द्वारा मध्यप्रदेश सरकार की तर्ज पर बनाने बारे कहा जा रहा है, परन्तु सरकार कानूनी तौर पर संविधान के अनुसार काम करेगी हमें पूर्ण विश्वास है।

रवि कुमार दलित ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार इनके बहकावे में आकर इन लोगों की सुनती है तो दलित समाज भी चुप नहीं बैठने वाला और प्रदेश सरकार को दलित समाज की भी बात सुननी पड़ेगी। दलित समाज की मांग को स्वीकार करते हुए गुजरात सरकार की तर्ज पर प्रदेश में बढ़ते जातिवाद को लेकर हिमाचल प्रदेश में स्वर्ण शब्द को बोलने और लिखने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाना पड़ेगा।

इन कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा एक जातिय पक्ष को उकसा कर स्वर्ण आयोग की मांग की जा रही हैं जो कि गैर संवैधानिक है। इस वर्ग के हितों व कल्याण हेतु पहले ही प्रदेश सरकार द्वारा राजपूत कल्याण बोर्ड व ब्राह्मण कल्याण बोर्ड बनाया गया है और प्रदेश सरकार द्वारा 10% आरक्षण भी दिया गया है। जबकि इस वर्ग की आबादी प्रदेश में लगभग 75% है। सरकार द्वारा इतनी सुविधाओं के बाबजूद भी ये कुछ असमाजिक तत्व लोगों को गुमराह कर रहे हैं, जो सही नहीं है जिसकी क्रिया की प्रतिक्रिया दलित समाज भी देना भली भांति जानता है। दलित समाज अब चुप नहीं बैठने वाला यदि प्रदेश सरकार व प्रशासन हालात सुधारने में नाकाम साबित हुआ तो जल्द ही दलित समाज व सभी दलित संगठन सड़कों पर उतरेगे और अपने हितों की रक्षा लिए जोरदार प्रदर्शन करेंगे । इस मौके पर उनके साथ अन्य दलित संगठनों के पदाधिकारी व भीम आर्मी के कार्यकर्ता मौजूद रहे ।

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