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अपनी ही नाबालिग बेटी से दुराचार करने वाले बाप को न्यायालय ने सुनाई 20 साल की जेल और 50 हजार जुर्माने की सजा

RIGHT NEWS INDIA: विशेष न्यायाधीश (पोक्सो), जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश, की अदालत ने दुराचार के दोषी को विभिन्न धाराओं में कारावास की सजा के साथ जुर्माने की सजा सुनाई। जिला न्यायवादी, मण्डी कुलभूषण गौतम ने बताया कि दिनांक 03/05/2020 को पीड़िता (13 वर्ष) की माँ ने सम्बन्धित ग्राम पंचायत प्रधान और पीडिता के साथ पुलिस थाना करसोग में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि पीड़िता 02/05/2020 को पीड़िता अपनी सहेली के साथ खेलने गयी थी तभी पीडिता की माँ को खबर मिली की पीडिता रो रही है। जिस पर पीडिता की माँ ने उसके रोने का कारण पूछा तो उसने कुछ नहीं बताया। परन्तु पीडिता की सहेली ने बताया कि पीडिता ने उसके साथ यह बात साँझा की थी कि जब पीडिता की माँ घर में नहीं होती है तो पीडिता का पिता उसके साथ दुराचार करता है और ऐसा वह 3-4 साल से करता आ रहा है और जब पीडिता की माँ ने उसको प्यार से पूछा तो पीडिता ने भी अपनी माँ के साथ उसके साथ दुराचार होने की बात बताई और यह भी बताया कि 27/04/2020 को भी उसके पिता ने उसके साथ दुराचार किया था और धमकी दी थी कि यदि इस बारे में किसी को भी बताया तो वह पीडिता को जान से मार देगा। पीडिता की माँ के उक्त बयान के आधार पर पुलिस थाना करसोग दोषी के खिलाफ अभियोग 71/2020 दर्ज हुआ था। इस मामले की छानबीन निरीक्षक रंजन शर्मा, ने अमल में लायी थी, छानबीन पूरी होने पर थानाधिकारी करसोग द्वारा मामले के चालान को अदालत में दायर किया था।

उक्त मामले में अभियोजन पक्ष ने अदालत में 18 गवाहों के ब्यान कलम बन्द करवाए थे। उक्त मामले में सरकार की तरफ से मामले की पैरवी तत्कालीन विशेष लोक अभियोजक, विनोद चौधरी और लोक अभियोजक नवीन राही द्वारा की गयी। अभियोजन एवं बचाव पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोषी हेत राम को भारतीय दण्ड सहिंता की धारा 376AB के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ₹50,000/- जुर्माने की सजा, भारतीय दण्ड सहिंता की धारा 506(ii) के तहत 3 वर्ष के साधारण कारावास की सजा के साथ ₹2,000/- जुर्माने की सजा,  पोक्सो अधिनियम की धारा 4 के तहत 20 वर्ष के साधारण कारावास की सजा के साथ ₹50,000/- जुर्माने की सजा और पोक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ₹50,000/- जुर्माने की सजा सुनाई।  जुर्माना अदा न करने की सूरत में अदालत ने दोषी को 3 से 6 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भी सुनाईl सुनाई गयी सभी सजाएँ साथ साथ चलेंगी।