दसवीं का रिजल्ट, शिक्षा बोर्ड की तैयारी; ग्रेड नहीं, अंक देकर ही प्रोमोट किए जाएंगे छात्र

दसवीं के लाखों छात्रों को एक सप्ताह के भीतर उनका परिणाम मिल जाएगा। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग से अनुमति मिलने के बाद तैयारियां शुरू कर दी हैं। बोर्ड ने छात्रों को भले ही प्रोमोट कर पास करना है, लेकिन उन्हें किसी तरह का ग्रेड नहीं दिया जाएगा, बल्कि छात्रों की प्री-बोर्ड व वार्षिक रिपोर्ट सहित सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर अंक देकर पास किया जाएगा। यानि जो छात्र मैरिट में आएंगे या पास होंगे, उनकी मार्क्ससीट अंकतालिका के हिसाब से ही बनेगी। इतना नहीं, इस व्यवस्था से यदि कोई छात्र पूरी तरह से सहमत नहीं हो और अपने अंकों को इंप्रूव करना चाहे, तो उसके लिए हालात सामान्य होने पर टेस्ट देकर अपने नंबरों को बढ़ाने का अवसर दिया जाएगा। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के समक्ष इस समय चुनौती यह है कि सरकारी स्कूलों के छात्र, निजी स्कूलों के छात्र, एसओएस के छात्र सभी को समान व्यवस्था के आधार पर कैसे प्रोमोट करे।हालांकि प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग सीबीएसई की तर्ज पर प्रदेश के छात्रों को प्रोमोट करने की बात कह रहे हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड का अपना पैटर्न होने के कारण कई चुनौतियां सामने हैं। अब इन चुनौतियों से पार पाने के लिए बोर्ड अध्यक्ष व बोर्ड प्रशासन लगातार शिक्षक संघों, प्रिंसीपल, हैडमास्टर, निजी स्कूल संघों से विमर्श कर रहा है, जिससे सबकी राय लेकर कामन फार्मूला के तहत छात्रों को प्रोमोट किया जा सके और अंकों का निर्धारण किया जा सके। कोरोना के चलते बिगड़े हालात के बीच छात्र अगली कक्षा में पढ़ सकें, इसके लिए उन्हें प्रोमोट तो कर दिया है, लेकिन भविष्य में किसी तरह की समस्या न हो, इसे देखते हुए ही निर्णय लिया जा रहा है।

विचार-विमर्श के बाद परिणाम

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डा. सुरेश कुमार सोनी का कहना है कि बोर्ड सभी शिक्षक संघों, प्रिंसीपल, हैडमास्टर से विमर्श कर रिजल्ट तैयार कर रहा है। एक सप्ताह के भीतर रिजल्ट तैयार हो जाएगा। छात्रों को उनकी योग्तानुसार अंक मिलें, इस बात को सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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