हमीरपुर के शिक्षक ने बनाया विश्व रिकॉर्ड, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करवाया नाम

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के हमीरपुर (Hamirpur) जिले के लंबलू (दबरेड़ा) गांव के रहने वाले संगीत शिक्षक बनना चाहते थे एडवोकेट लेकिन बन कुछ और गए. संगीत शिक्षक राजकुमार ने सितार वादन में विश्व कीर्तिमान बनाया है.

उन्होंने 32 घंटे 34 मिनट सितार बजाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है. इससे पहले केरल के राधाकृष्णन मनोहरन ने अक्टूबर 2017 में सितार बजाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था.

दरअसल, सितार वादक राजकुमार वर्तमान में दिल्ली सरकार के सरकारी प्रतिभा विकास स्कूल सेक्टर-19 द्वारका में बतौर संगीत शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं. राजकुमार ने 23 अगस्त को सुबह 8 बजे स्कूल कैंपस में सितार बजाना शुरू किया था. उनका उत्साहवर्धन करने के लिए खुद दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया स्कूल पहुंचे थे.

डिप्टी सीएम ने दी बधाई

दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहे. उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि अदबुद्ध, अकल्पनीय, बेमिसाल! 30 घंटे से भी ज्यादा समय से लगातार सितार बजा रहे दिल्ली सरकार के स्कूल शिक्षक और सितार वादक राज कुमार जी ने गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा. नया रिकॉर्ड अब हमारे शिक्षक साथी राज कुमार जी के नाम होगा.” बहुत बधाई, आपकी कला और जुनून को सलाम!

पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए किया पार्ट टाइम म्यूजिक शो

बता दें कि राजकुमार ने अपने गांव में स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस डिग्री कॉलेज हमीरपुर जिले से 1996 में संगीत की पढ़ाई की. इसके बाद में उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से एमए और एमफिल की. राजकुमार के पिता भगत राम गांव में ही दिहाड़ी-मजदूरी का करते हैं. पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए राजकुमार ने दिल्ली में पार्ट टाइम म्यूजिक शो किए. कठिन हालात में शिक्षा हासिल की. राजकुमार अपनी पत्नी सुषमा और दो बच्चों के साथ दिल्ली में रहते हैं. बेटी अनुष्का भारद्वाज बीएससी कर रही हैं, जबकि बेटा अनुभव भारद्वाज संगीत की ट्रेनिंग ले रहा है.

एडवोकेट बनना चाहते थे, बन गए संगीतकार

राजकुमार ने बताया कि उन्होंने स्कूली पढ़ाई के बाद हमीरपुर कॉलेज में राजनीतिक शास्त्र में दाखिला लिया. वह लॉ करने के बाद वकील बनना चाहते थे. लेकिन हमीरपुर कॉलेज में गुनगुनाते हुए प्रवक्ता प्रो. इंदु पराशर ने उन्हें देख लिया. इसके बाद प्रो. इंदु पराशर की प्रेरणा से उन्होंने संगीत विषय में दाखिला ले लिया. कोलकाता में आयोजित यूथ फेस्टिवल में उन्होंने हिमाचल का प्रतिनिधित्व भी किया था. इंटर कॉलेज और इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिताओं में भाग लेकर हमीरपुर कॉलेज का नाम रोशन किया. अब उनकी इस उपलब्धि पर हिमाचल प्रदेश समेत पूरे देश को गर्व है.

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