एसीसी कंपनी के विस्थापितों व प्रभावितों की मांगों को दिया स्वाभिमान पार्टी ने समर्थन: डॉ केएल शर्मा

स्वाभिमान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ केएल शर्मा ने एसीसी कंपनी बरमाना के बाहर एक सप्ताह से चल रहे कंपनी विस्थापितों व प्रभावितों की मांगों के धरने उचित बताते हुए कहा कि प्रदेश में सिमेंट के कारखानो एसीसी, अंबुजा, जेपी अल्ट्रा इत्यादि कंपनियों द्वारा हिमाचल में सबसे महंगा सीमेंट बेचने को गलत है। जिसका विरोध स्वाभिमान पार्टी कई सालों से कर रही है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में निर्मित सीमेंट हिमाचल वासियों को ही सबसे महंगा देने पर जताया गहरा दुख।

शर्मा ने कहा कि हमारे प्रदेशवासी इन कंपनियों की वजह से स्थानीय लोगों में बहुत सी परेशानियां को सहन कर रहे है। ध्वनि प्रदूषण से दिन रात की नींद हराम हो चुकी है। वायु में धूल व धुएं के प्रदूषण से भिन्न भिन्न बीमारियां से लोग ग्रस्त हो रहे हैं। कारखानों के लिए गाड़ियों के आवागमन से सड़कों पर ट्रैफिक इतनी जा रहा हो जाती है कि निजी कार इत्यादि को आगे बढ़ने के लिए हमेशा मुश्किलें आती हैं। यह सभी मुश्किलें हम प्रदेश वासी कई सालों से सहन कर रहे हैं, बदले में हमारे को यह कई प्रकार का प्रदूषण तथा बीमारियां दे रहे है। उन्होंने बिटिया फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्षता सीमा संख्यान द्वारा धरने में उठाई की मांगों के समर्थन करते हुए कहा कि यह कंपनियां प्रदेशवासियों को स्थाई रोजगार देने में भी असमर्थता दिखा रही हैं तथा भेदभाव कर रही हैं। स्वाभिमान पार्टी प्रदेश सरकार व प्रशासन तथा कंपनियों के प्रबंधकों से मांग करती है कि प्रदेश में निर्मित सीमेंट हिमाचल में 15 प्रतिशत अन्य राज्यों से सस्ता होना चाहिए। जबकि वर्तमान में 15-25% प्रतिशत महंगा है, कर्मचारियों में 70-85% तक नियम स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाना चाहिए तथा पर्यावरण का संरक्षण किया जाना चाहिए।

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