जेबीटी-बीएड: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट दी जाएगी चुनौती

शिमला। जेबीटी भर्ती को लेकर अब फिर विवाद शुरू हो गया है। बेरोजगार जेबीटी व डीएलएड प्रशिक्षक संघ हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा। संघ ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के लिए दस्तावेज तैयार करने शुरू कर दिए हैं। अगले सप्ताह तक सुप्रीम कोर्ट में इसको लेकर याचिका दायर की जाएगी। जेबीटी व डीएलएड प्रशिक्षुओं का कहना है कि भर्ती में बीएड डिग्रीधारकों के आने से उनका नंबर ही नहीं आएगा। अपने हक के लिए वह न्यायिक लड़ाई लड़ेंगे।

संघ ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि एसएमसी व पीटीए शिक्षकों की तर्ज पर उनका केस भी सुप्रीम कोर्ट में सरकार लड़े। उनका पक्ष कोर्ट में मजबूती से रखा जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। शुक्रवार को प्रदेश हाईकोर्ट ने जेबीटी भर्ती मामलों पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि शिक्षकों की भर्ती के लिए एनसीटीई की ओर से निर्धारित नियम एलिमेंटरी शिक्षा विभाग के साथ अधीनस्थ कर्मचारी चयन आयोग पर भी लागू होते हैं। खंडपीठ ने याचिकाओं को स्वीकारते हुए प्रदेश सरकार को आदेश दिया था कि वह 28 जून, 2018 की एनसीटीई की अधिसूचना के अनुसार जेबीटी पदों की भर्ती के लिए नियमों में जरूरी संशोधन करे। कोर्ट के इस फैसले से अब जेबीटी पदों के लिए बीएड डिग्रीधारक भी पात्र होंगे।

पहले कोर्ट के फैसले को देखेंगे : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यालय की ओर से जेबीटी भर्ती को लेकर दिए फैसले को एग्जामिन किया जाएगा। पीटरहाफ शिमला में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि कई प्रतिनिधिमंडल मिले हैं। कोर्ट का लिखित आदेश आने के बाद इसे एग्जामिन किया जाएगा। उसके बाद सरकार इस मामले पर आगामी निर्णय लेगी।

12 डाइट में कक्षाओं का बहिष्कार, नारेबाजी

बीएड डिग्रीधारकों को जेबीटी के लिए पात्र माने जाने से जेबीटी व डीएलएड प्रशिक्षु खासे नाराज हैं। शनिवार को प्रदेश के 12 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में कक्षाओं का बहिष्कार किया। प्रशिक्षु अमन ने कहा कि शनिवार को कक्षाओं का बहिष्कार कर रैली निकाली गई। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार हमारी मांग को पूरा नहीं करती तब तक प्रशिक्षु कक्षाएं नहीं लगाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षुओं ने निर्णय लिया है कि परीक्षाओं का भी बहिष्कार किया जाएगा। सचिवालय और विधानसभा का घेराव भी होगा। संघ सरकार से मांग कर रहा है कि उनका केस सरकार लड़े।

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