हिमाचल में पहली बार किया गया बड़ी आंत के कैंसर का सफल ऑपेरशन, 8 घंटे चला ऑपेरशन

हिमाचल में पहली बार फैप नामक बीमारी की सर्जरी हुई है। ऐसे में आईजीएमसी के कैंसर सर्जन डॉक्टर रशपाल व उनकी टीम ने मिसाल पेश की है। डॉक्टर ने छोटी आंत में जे.पौच बनाकर बड़ी आंत के कैंसर से निजात दिलाई है। जिस व्यक्ति की सर्जरी की गई है वह 33 साल का व्यक्ति जिला कुल्लू का रहने वाला है। उसे एक दुर्लभ और आनुवांशिक बीमारी जिससे (फैप) के नाम से जानते हंै। उससे डायग्नोज किया गया। इस बीमारी में बड़ी आंत में पोलिप जोकि हजारों की संख्या में होते हैं और इनका अगर समय से ऑप्रेशन न किया जाए तो मरीज को 100 प्रतिशत कैंसर होने का खतरा रहता है।

इस मरीज में ये पोलिप व गांठे, शौच के रास्ते से लगभग 2 से 3 सैंटीमीटर में ही शुरू हो गए थे और पूरी बड़ी आंत में हजारों की संख्या में ऐसे ही पोलिप थे।

इस बीमारी का सर्जरी ही एकमात्र इलाज होता है। इस आप्रेशन में सबसे जटिल काम होता है और मरीज के शौच के रास्ते को बचाना है, ताकि मरीज सामान्य मरीज की तरह शौच कर सके। अन्यथा मरीज के शौच का रास्ता पेट से बाहर निकल जाता है, जोकि आजीविन उसी अवस्था में रहता है, जोकि मरीज के लिए एक मानसिक आघात रहता है, लेकिन जे-पौच बनाकर मरीज एक सामान्य व्यक्ति की तरह अपना जीवन यापन करता है। पुरुषों में यह ऑप्रेशन महिलाओं की अपेक्षा में कठिन होता है।

इस ऑप्रेशन करने में 7 से 8 घंटे लगे। मरीज को आई.जी.एम.सी. से दसवें दिन छुट्टी कर दी गई है। आप्रेशन करने वाली टीम में डॉ. रशपाल कैंसर सर्जन आई.जी.एम.सी., डॉ. पुनीत महाजन व डॉ. विक्रम शामिल थे। डॉ. रशपाल हिमाचल के एकमात्र कैंसर सर्जन हैं। जिन्होंने अपनी स्पैशलाइजेन नई दिल्ली से प्राप्त की है। यह सरकाघाट मंडी के रहने वाले हैं। वर्तमान में आई.जी.एम.सी. में सेवाएं दे रहे हं और आई.जी.एम.सी. शिमला में अगस्त, 2019 से असिस्टैंट प्रो. के पद पर कार्यरत है। वर्ष 2019 से लेकर आज तक उन्होंने लगभग 100 से 120 के बीच जटिल कैंसर ऑप्रेशन किए है।

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