अध्यापकों को अपशब्द बोलना पडा एसएमसी प्रधान को महंगा, माफी मांग छुड़ाई जान

गोहर, सुभाग सचदेवा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चैलचौक में स्कूल स्टाफ और एसएमसी कमेटी के मुखिया के बीच कुछ बातों को लेकर माहोल गर्म हो गया। हालांकि इस पर स्कूल प्रधानाचार्य से मिली जानकारी के अनुसार एसएमसी प्रधान द्वारा अपने कहे शब्द वापस लेने व माफी मांगने के बाद दोनों पक्षों में सुलह होने की बात कही गई है। लेकिन स्कूल स्टाफ की ओर से प्रधानाचार्य को लिखी शिकायत में एसएमसी प्रधान पर स्टाफ को अपशब्द बोलने व धमकियां देने का आरोप लगाया गया है।

अध्यापकों का कहना है कि 16 अगस्त को एसएमसी की ओर से एक बैठक बुलाई गई थी। जिस में किसी बात को लेकर एसएमसी अध्यक्ष गुस्सा हो गए और अध्यापकों पर बरस पड़े। शिकायत पत्र में स्टाफ के 22 अध्यापकों ने प्रधान पर उन्हें अपशब्द बोलने व धमकियां देने की बात कही गई है। अध्यापकों का आरोप है कि बैठक के दौरान एसएमसी प्रधान ने सरेआम रिटारमेंट पर बैठे स्टाफ को सस्पेंड करने की धमकी दी है। यह भी कहा कि टीचरों में कीचड़ भरा है, एसीआर खराब करवाऊंगा, एक गलती पर पांच गलतियां बढ़ाचढ़ा कर एक्शन लूंगा, पहुंच रखने के बावजूद भी ऐसी जगह तबादला करूंगा कि सपनों में मैं ही नजर आऊंगा।

स्टाफ की ओर से प्रधानाचार्य को साफ कहा गया है कि उपरोक्त कारणों से समस्त शिक्षकों के मान को ठेस पहुंची है। जिसे गंभीरता से लिया जाए और बताया जाए कि क्या एक एसएमसी प्रधान के पास ऐसी कौन सी पावर है कि वह उन्हें सस्पेंड करने व एक्शन लेने की भरी बैठक में बात कह सके। भविष्य में उन्हें कहीं न कहीं किसी झुठी साजिश का डर सताने लगा है। स्टाफ की ओर से निदेशक, उपनिदेशक, अध्यक्ष एच.पी.एस.एल. मंडी और राजकीय अध्यापक संघ हि.प्र. को भी शिकायत भेजी है।

“स्कूल स्टाफ द्वारा उन्हें एसएमसी प्रधान के खिलाफ अपशब्द कहने व धमकियां देने के संदर्भ में शिकायत पत्र दिया है, जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए प्रधान को स्कूल बुलाया गया था। जहां एसएमसी प्रधान द्वारा स्टाफ की शिकायत पर लिखित तौर पर माफी मांगी है और उसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है।
-इंद्र सिंह प्रधानाचार्य रा.व.मा.पा. चैलचौक

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