हिमाचल में स्कूलों को चार महीनों से नही मिला मिड डे मील बजट, कर्मियों का वेतन भी रुका

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Mid Day Meal Budget: प्रधानमंत्री पोषण अभियान के तहत विद्यार्थियों को दिए जाने वाले दोपहर के भोजन (मिड-डे मील) पर संकट के बादल छा गए हैं। चार माह से स्कूलों को इस योजना के तहत बजट ही जारी नहीं हुआ है। हालांकि, बजट जारी न होने के बावजूद स्कूलों में अपने स्तर पर मिड-डे मील पकाया जा रहा है। राशन और गैस के बिल के भुगतान की प्रक्रिया अधर में लटकी है। जेब से भुगतान करने वाले शिक्षकों को यह राशि प्राप्त करने में खासी दिक्कत आती है। कई जिलों में मिड-डे मील कर्मियों को मानदेय ही जारी नहीं किया है।

करीब 1122 कर्मियों को तय समय पर मानदेय जारी नहीं हो रहा है। हालांकि, प्रदेश सरकार की ओर से अपने हिस्से का बजट जारी कर दिया है। इससे दैनिक खर्च को चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री पोषण अभियान के तहत विद्यार्थियों को मिड-डे मील के लिए 90:10 के अनुपात में बजट जारी किया जाता है।

योजना पर 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार वहन करती है, जबकि 10 प्रतिशत राशि प्रदेश सरकार देती है। अब इन कर्मियों का मानदेय भी बढ़ गया है। ऐसे में बजट जारी न होने से और ज्यादा परेशानी आ रही है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक डा. भुवन शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने 41 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं, जो भी देनदारियां हैं, उन्हें पूरा कर दिया जाएगा।

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