महज डेढ़ घंटे में झुका बिजली बोर्ड, लिखित आश्वासन पर अनिश्चितकालीन धरना हुआ समाप्त

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राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन का अनिश्चितकालीन धरना डेढ़ घंटे में ही रंग लाया। बुधवार सुबह शिमला स्थित बिजली बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस के परिसर में यूनियन ने 10:30 बजे धरना शुरू किया।

दोपहर 12:00 बजते ही बोर्ड प्रबंधन ने यूनियन के प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुला लिया। यूनियन की मांगों को पूरा करने के लिए प्रबंधन ने आठ अगस्त को सर्विस कमेटी की बैठक भी तय कर दी।

प्रबंधन वर्ग की ओर से इस बाबत लिखित आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारी यूनियन ने अनिश्चितकालीन धरने को स्थगित कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप खरवाड़ा और महासचिव हीरालाल वर्मा ने बताया कि बुधवार सुबह 70 कर्मचारी नादौन इकाई से धरने पर बैठे थे। बोर्ड प्रबंधन की ओर से बीते दिनों विभिन्न मांगों को लेकर बनी सहमति के बावजूद अधिसूचनाएं जारी नहीं होने के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया।

करीब 12:00 बजे प्रबंधन वर्ग ने यूनियन की आठ जुलाई को लिखित रूप में मानी गई मांगो पर 8 अगस्त को सर्विस कमेटी की बैठक बुलाकर लागू करने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद यूनियन ने प्रदर्शन को स्थगित कर दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप खरवाड़ा ने कहा कि 8 जुलाई को यूनियन के साथ हुई बैठक में प्रबंधक वर्ग ने जूनियर टीमेट व जूनियर हेल्पर के पदनाम को बदलकर टीमेट व हेल्पर करने पर सहमति जताई थी। जूनियर ऑफिस असिस्टेंट आईटी और जूनियर ऑफिस असिस्टेंट अकाउंट के पदोन्नति के बारे में पदोन्नति नियम बनाने को भी सैद्धांतिक रूप से माना था।

सर्विस कमेटी की बैठक न होने से इन मांगों को लागू करने में देरी की जा रही थी। इस कारण यूनियन को प्रदर्शन करना पड़ा। दोपहर को 1:00 बजे यूनियन ने मुख्यालय में रैली का आयोजन कर प्रबंधन वर्ग का सर्विस कमेटी की बैठक बुलाने के लिए आभार जताया गया। प्रबंधन वर्ग को सचेत भी किया गया कि यह प्रस्तावित सर्विस कमेटी की बैठक 8 अगस्त से आगे किसी भी हालात में नहीं जानी चाहिए।

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