शिक्षक महासंघ के प्रयासों से बनी हाई पावर कमेटी

यह बात हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी दर्शन लाल ने सुंदर नगर में जारी प्रेस ब्यान के माध्यम से कही। उन्होंने कहा कि शिक्षक महासंघ के बैनर तले संपन्न बैठकों के बाद सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाई पावर कमेटी का गठन किया है। जिसमें शिक्षकों से जुड़ी मूल मांगों का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महासंघ द्वारा प्रदेश में हर श्रेणी के शिक्षकों से जुड़ी समस्याओं को सरकार के समक्ष रखा गया है। इस संबंध में पूरे प्रदेश में वर्चुअल मीटिंग्स की माध्यम से महासंघ की जिला इकाइयों द्वारा शिक्षकों की मूल मांगों को लेकर मंथन किया गया। शिक्षकों से जुड़ी मांगों को लेकर शिक्षा निदेशकों के साथ विचार विमर्श करने के बाद शिक्षा मंत्री के साथ विधिवत बैठक करके विस्तार से चर्चा की गई। जिन्हें 13 सूत्रीय मांग पत्र के रूप में मुख्यमंत्री को सौंपा गया। इसमें हर वर्ग के शिक्षकों की समस्याओं को प्रमुखता दी गई है।

उन्होंने कहा कि मांगों के निपटारे के लिए बनी हाई पावर कमेटी को लेकर प्रदेश के शिक्षकों में खुशी की लहर है। महासंघ की तरफ से 2010 से पहले नियुक्त टीजीटी को पदोन्नति में मुख्याध्यापक और प्रवक्ता दोनों ऑप्शन बहाल करने की ज्वलंत मांग को उठाया गया है। इसके साथ तर्क दिया गया है कि यदि ऑप्शन बहाल नहीं होती है तो प्रवक्ता से प्रधानाचार्यों की पदोन्नति का कोटा 75% किया जाए। इसके साथ लंबे समय से शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे कंप्यूटर शिक्षकों के लिए स्थाई नीति बनाने, स्कूलों में उचित व्यवस्था के लिए जल्द प्रधानाचार्य की पदोन्नति करने टीजीटी को उच्च शिक्षा निदेशालय के अधीन लाने, शास्त्री और एलटी अध्यापकों को टीजीटी पदनाम देने की बात प्रमुखता से उठाई गई है। राष्ट्रीय संयुक्त सचिव पवन मिश्रा, प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार, विनोद सूद, उपाध्यक्ष डॉ मामराज पुंडीर, सुमित भारद्वाज, रविंद्र कुमार, के साथ जिला मंडी के अध्यक्ष भगत चंदेल, महासचिव प्रकाश कौशल समेत अन्य पदाधिकारियों ने हाई पावर कमेटी बनाने के लिए शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री का धन्यवाद व्यक्त किया ।

error: Content is protected !!