शांता बोले-मद्रास हाईकोर्ट की फटकार जनता की भावनाओं के अनुसार, सरकार ले कड़वे और कठोर निर्णय

पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि मद्रास उच्च न्यायालय की फटकार जनता की भावनाओं के अनुसार है। इस अति भयंकर परिस्थिति में सरकार को और कड़वे और कठोर निर्णय करने चाहिए। उन्होंने कहा कि तड़पती लाशें और कांपते मरघट रूह को कंपा रहे हैं। शांता कुमार ने कहा कि सरकार और चुनाव आयोग यह निर्णय करें कि कम से कम आने वाले 6 माह में कहीं पर भी किसी प्रकार का कोई चुनाव नहीं होगा। सरकार यह निर्णय करेगी कि शादी में केवल 2 परिवार होंगे, किसी प्रकार का धार्मिक/सामाजिक कार्यक्रम कहीं पर भी नहीं होना चाहिए। कोरोना बढऩे का सबसे बड़ा कारण है सरकार और जनता की लापरवाही। आज भी कुंभ मेले में हजारों साधु शाही स्नान कर रहे हैं, नेता घूम रहे हैं जबकि नेता कहीं पर भी जाता है तो नियम टूटते हैं। नेता जब शादी में जाता है तो नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में बैठकर सारे देश का संचालन कर रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय सभाओं को दिल्ली से संबोधित कर रहे हैं, किसी भी प्रदेश का कोई नेता आपात स्थिति के अतिरिक्त कहीं पर दौरे पर न जाए। प्रधानमंत्री की तरह प्रदेश के नेता प्रदेश और केंद्र में बैठकर सब कुछ कर सकते हैं, पैसा भी बचेगा और कोरोना भी नहीं फैलेगा। शादियों में 50 व्यक्तियों की सीमा खुलेआम टूट रही है। जहां नेता जा रहे हैं वहां धज्जियां उड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी की हड़बड़ाहट में व्यवस्था कांप रही है, सरकार को अत्यंत कठोर निर्णय लेने होंगे।

प्रदेश में कांगड़ा जिला सबसे अधिक पीड़ित
शांता ने कहा कि पूरे प्रदेश में कांगड़ा जिला सबसे अधिक पीड़ित है। प्रदेश में कुल मरने वालों में आधे कांगड़ा जिला के हैं। मई माह में कांगड़ा जिला में 3000 शादियां हैं, अभी और भी अनुमति के लिए कहेंगे। एक जिला में 3000 शादियां, नेता जाएंगे, नियमों की धज्जियां उड़ेंगी, क्या बनेगा सोचकर ही डर लग रहा है। वक्त की जरूरत है कठोर नियम, शादी में केवल 2 परिवार और 15 से अधिक संख्या नहीं।

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