भुंतर में जातिसूचक शब्द कहने पर एससी एसटी एक्ट में मामला दर्ज, आरोपी अभी तक गिरफ्त से बाहर

हिमाचल में जाति आधारित हिंसा के मामले रुकने का नाम नही ले रहे। यहां आए दिन प्रदेश में कहीं ना कहीं जाति आधारित हिंसा के मामले होते ही रहते है। कई जगह पुलिस तत्काल कानूनी कार्यवाही कर देती है तो कुछ जगह कानूनी कार्यवाही करने में हफ्तों निकल जाते है। जिसके चलते हिमाचल में लगातार माहौल खराब होता जा रहा है। हिमाचल में कानून और संविधान विरोधी ताकते सिर उठाने लगी है जोकि हिमाचल में जाति आधारित हिंसा और प्रताड़ना का मुख्य कारण है। पुलिस और सरकार इन संविधान विरोधी लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्यवाही नही कर रही है जिसके चलते पिछले तीन चार सालों में हिमचल में जाति आधारित हिंसा और अत्याचारों में भारी वृद्धि हुई है।


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जाति आधारित हिंसा और प्रताड़ना का ताजा मामला कुल्लू के भुंतर से निकल कर सामने आया है जहां एक महिला को पति पत्नी ने जातिसूचक शब्द कह कर उसको प्रताड़ित किया है और महिला के साथ हाथापाई भी की है। जानकारी मिली है कि इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्यवाही की प्रक्रिया आरम्भ कर दी है। ताजा जानकारी के मुताबिक इस मामले में 506, 341, 504, 34 आईपीसी और एससी एसटी एक्ट में मामला दर्ज किया गया है।

जानकारी के मुताबिक राहुल सलूरिया के साथ दो और लोग लोहे के एंगल लगा कर आम रास्ता बंद कर रहे थे। जब इस बारे वहां से जा रही ग्राम पंचायत हूरला की महिला वार्ड सदस्य ने उन लोगों को इस बारे पूछा तो उन राहुल सलूरिया और उसके साथियों ने महिला पर हमला कर दिया और जातिसूचक शब्द कहे। इतना ही नही आरोपियों में पंचायत प्रधान और उपप्रधान से भी बतमीजी और दुर्व्यवहार किया। आरोपियों ने महिला वार्ड सदय और उसके पति को धमकी दी कि कुल्लू आकर दिखाना, हम तुम्हे जान से मार देंगे। इस बारे महिला ने पुलिस स्टेशन भुंतर में शिकायत पत्र दिया, और पुलिस ने तत्काल कार्यवाही करते हुए मामला दर्ज कर लिया।


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