हिमाचल में बनी 9 दवाओं के सैंपल फेल, दवा निर्माताओं कारण बताओ नोटिस जारी

हिमाचल प्रदेश में बनी 9 दवाओं के सैंपल फेल हो गए हैं। दवा मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने इस माह का ड्रग अलर्ट जारी कर दिया है। देश में बनी कुल 37 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं।

सीडीएससीओ ने पूरे देश में 1245 दवाओं के सैंपल एकत्रित किए थे, जिनमें से 1207 की गुणवत्ता सही पाई गई। जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं उनमें बुखार, हार्ट, एंटीबायोटिक, बीपी व एलर्जी आदि की दवाएं शामिल हैं। ड्रग विभाग ने इन दवाइयों के निर्माता उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। यही नहीं, इन दवाओं के बैच के स्टॉक को बाजार से रिकॉल करने के भी निर्देश दिए हैं।

सीडीएससीओ से मिली जानकारी के अनुसार मैक्स रिलिफ हैल्थकेयर सोलन की फैवीमैक्स-400 का बैच नम्बर टीपी-0421907, इसी दवा का बैच नम्बर टीपी-0421903, डिजिटल विजन कालाअम्ब की कॉफसेट सिरप का बैच नम्बर डीवीएलडी-950, एक्टिनोवा प्राईवेट लिमिटेड बरोटीवाला की रैनीटीडाईन टेबलेट का बैच नम्बर एटी1ए020, गलफा लैबोट्री बददी की एटोरवासिटन का बैच नम्बर एवीएटी-21001, अल्ट्राडर्ग प्राइवेट लिमिटेड की डियूलसेट-एम का बैच नम्बर यूडीटी-20163 सी, विनस बायोसाइंस झाड़माजरी बद्दी की बेटनेकोन का बैच नम्बर वीएनटी-19 एल 17, पुष्कर पार्मा कालाअम्ब की ओक्सीटोसिन इंजैक्शन का बैच नम्बर ओटीसी-232ए तथा सेल्वस लाइफसाइंस परवाणु की भूपीडेप-150 का बैच नम्बर सीटी-12330321 का सैंपल फेल हुआ है।

राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मरवाह ने बताया कि जिन उद्योगों की दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रदेश में ड्रग विभाग की सख्ती के कारण ही दवाओं के सैंपल फेल होने के मामले लगातार कम हो रहे हैं। विभाग ने कई उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।

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