चम्बा में डिपो संचालकों का धरना, मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

डिपो संचालक समीति चम्बा ने मांगों को लेकर डी.सी. कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इसमें जिला भर के डिपो संचालकों ने भाग लिया। यह धरना प्रदर्शन सुबह दस बजे से लेकर तीन बजे तक दिया गया। डिपो संचालक समीति मैहला के अपाध्यक्ष पुष्प राज ने बताया पूरे प्रदेश भर में सोमवार को धरना प्रदर्शन किया गया है। इसी कड़ी में चम्बा में भी मांगों को लेकर सांकेतिक धरना दिया गया। उन्होंने कहा कि कोरोना के इस संकट भरे दौर में प्रदेश के 5 हजार डिपो संचालक उपभोक्ताओं को राशन वितरण का कार्य कर रहे हैं, लेकिन सरकार द्वारा उनकी पूर्ण अनदेखी की जा रही है। उन्होंने बताया इसके चलते प्रदेश भर में 10 डिपो संचालकों की मौत को चुकी है। इसके अलावा सैकड़ो डिपो संचालक कोरोना की चपेट में आने के बाद अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जंग लड़ते रहे, लेकिन राशन वितरण का कार्य बंद नहीं किया।

संबंधित डिपो के उपभोक्ताओं को अन्य डिपो से राशन वितरित किया गया, ताकि कोई भी भूखा न रहे। उनकी बेहतर सेवाओं के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने डिपो संचालकों को 24 लाख 44 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक इसकी फूटी कौड़ी तक नहीं मिली। प्रदेश के निजी डिपो धारक गोदाम से डिपुओं के लिए राशन लाने के लिए अपनी जेब से पैसे खर्च कर रहे हैं और दुकानों का किराया, बिजली बिल भी स्वयं दे रहे हैं। उन्होंने बताया बदले में उन्हें ए.पी.एल. के राशन पर मात्र 3 फीसदी कमीशन मिल रहा है और जो सहकारी सभाओं के विके्रता के साथ-साथ सचिव का भी कार्य देख रहे हैं उनको सहकारी सभाओं सेवा नियमों के तहत वेतन न देखकर अपने तरीके से वेतन दिया जा रहा है और उनका शोषण किया जा रहा है। सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार जिन सहकारी सभाओं की आॢथक स्थिति मजबूत है, वह सभाएं सरकार द्वारा बनाए गए सेवा नियमों के अनुसार कर्मचारियों को वेतन देगी।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के नौ जिलो में सहकारी सभाएं आॢथक तौर पर खोखली हैं। जिनके पास राशन लेने के लिए भी पैसा नहीं हैं और इन सभाओं के विके्रता अपना पैसा लगाकर निगम के गोदामों में लाकर उपभोक्ताओं को वितरित कर रहे हैं और दुकानदारों का किराया भी स्वयं दे रहे हैं। उन्होंने बताया जबकि राशन लाने और दुकानों की व्यवस्था करना सहकारी सभाओं का कार्य है। इतना कुछ करने के बाद भी सभाएं अपने विके्रताओं से कुल कमीशन 25 से 50 फीसदी ले रही है। यहां तक की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के राशन का कमीशन भी सहकारी खाते में डालकर विक्रेताओं के साथ घोर अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी में अपने परिवार की जान जोखिम में डालकर डिपो सचंालक राशन वितरण कर रहे हैं और लोगों की सेवा कर रहे हैं। सोमवार को डिपो संचालक समीति चम्बा के सदस्य ए.सी. टू डी.सी. राम प्रसाद से मिले और उनके माध्यम से सी.एम. को एक मांग पत्र भेजा। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि डिपो संचालकों की आॢथक स्थिति को मजबूत करने के लिए शीघ्र कदम उठाए जाए।

error: Content is protected !!