पशु चराने गई नाबालिग लड़की के बलात्कार मामले में दोषी को हुई सात साल की सजा

हिमाचल के कांगड़ा जिला में अपनी बहन के साथ जंगल में पशु चराने गई नाबालिग युवती से दुष्कर्म मामले में दोषी को सात साल की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को 20 हजार का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा ना करने पर दोषी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

यह फैसला स्पैशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट पोक्सो जिला कांगड़ा स्थित धर्मशाला कृष्ण कुमार ने सुनाया है। मामले की पैरवी करने वाले स्पेशल सरकारी वकील फास्ट ट्रैक कोर्ट पोक्सो धर्मशाला राम देव चौधरी ने बताया कि ज्वाली क्षेत्र की 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली पीड़िता 19 जून, 2017 को भारी बारिश के कारण अपने स्कूल नहीं गई थी। वह अपनी बहन के साथ जंगल में पशु चराने क्षेत्र के समीपवर्ती खड्ड के जंगल में चली गई।

जंगल में गुरमीत उर्फ गोल्डी भी अपनी बकरियां चराने पहुंचा था। इस दौरान गुरमीत ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। इसके बाद पीड़िता ने ज्वाली पुलिस थाना में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने 22 गवाह पेश किए, जिसके आधार पर न्यायालय ने गुरमीत को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। अदालत ने दुष्कर्म का आरोप सिद्ध होने पर दोषी को 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही 20 हजार रुपए जुर्माना भी किया है। जुर्माना न भरने पर दोषी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

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