Himachal Apple: खरीदी सेब निकली नाशपती, एमआईएस के तहत हुई खरीद में गड़बड़ी

शिमला। Himachal Apple, मंडी मध्यस्थता योजना (एमआइएस) के तहत शिमला जिला में खरीदे सेब की बोरियों में नाशपती भी निकल रही है। इसके अलावा बोरियों को वजन भी सही नहीं है।

सरकारी खरीद में इस तरह धांधली की आशंका होने पर बोरियों में भरे सेब को जब जांचा गया तो अधिकतर फल सड़े हुए थे। एमआइएस के तहत सेब खरीद में इससे पहले भी अनियमितताएं सामने आ चुकी हैैं। हिमफेड (हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता फेडरेशन) ने एमआइएस के तहत बोरियों में सेब खरीदा है। हिमफेड के अध्यक्ष गणेश दत्त ऊपरी शिमला में सेब खरीद केंद्रों में व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।

रविवार को उन्होंने ठियोग से आगे अंटी में केंद्रों का निरीक्षण किया तो ये अनियमितताएं सामने आईं। उन्होंने कई स्थानों पर बोरियों खुलवाई तो गला-सड़ा हुआ सेब निकला। कई बोरियां तय वजन से दो से ढाई किलो तक कम निकली हैं। नियमों के तहत एक बोरी में 35 किलो सेब होना चाहिए, जबकि बोरी समेत इसका वजन 37 किलो होना चाहिए। उन्होंने बोरियों का मौके पर ही वजन करवाया तो कई बोरियों में दो से ढाई किलो तक सेब कम पैक किया हुआ था। कुछ दिन पहले भी गणेश दत्त ने इसी तरह निरीक्षण के दौरान सामने आई खामियों को दूर करने का निर्देश दिया था, लेकिन इसका भी कोई असर नहीं हुआ।

शिकायत के बाद कार्रवाई

हिमफेड के अध्यक्ष गणेश दत्त ने बताया कि सेब एकत्रीकरण केंद्रों से सड़े-गले सेब खरीदने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसके बाद निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि कार्रवाई करने का निर्देश दे दिया है। कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि छोटे आकार का सेब न खरीदें और न ही गला-सड़ा सेब खरीदें। यदि अब कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि खरीद के बाद तुरंत सेब की बोरियों को परवाणू भेजने को कहा है। एक ही जगह बोरियां पड़ी होने से भी सेब खराब हो जाता है।

अब तक 14 हजार मीट्रिक टन सेब खरीदा

हिमफेड ने अब तक शिमला जिला में 14 हजार मीट्रिक टन सेब की खरीद की है। पिछली बार से यह छह गुना ज्यादा है। मौसम के कारण इस बार काफी सेब खराब हुआ है, जिसे बागवान एमआइएस के तहत साढ़े नौ रुपये प्रतिकिलो की दर से बेच रहे हैं।

error: Content is protected !!