लखीमपुर हत्या मामले में विरोध प्रदर्शन, भाजपा मंत्री के बेटे के खिलाफ 302 में मामला दर्ज करने की मांग

कुल्लू : हिमाचल किसान सभा ने लखीमपुर खीरी में किसानों की बर्बरता हत्या को लेकर आक्रोश रैली निकाली गई। वही उपायुक्त कार्यालय के बाहर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की व उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को मांग प्रत्र भी भेजा गया।

3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश में किसानों को रौंदकर दिनदहाड़े उनकी बर्बर हत्या करने की घटना से पूरे देश क्षुब्ध है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्र टेनी के बेटे और उसके गुंडे साथियों ने जिस तरीके से यह कातिलाना हमला किया। वह केंद्र सरकार की गहरी साजिश दिखाता है। अजय मिश्रा पहले ही किसानों के खिलाफ भड़काऊ और अपमानजनक भाषण देकर इस हमले की भूमिका बना चुके थे। यह संयोग नहीं है कि उस दिन हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सार्वजनिक तौर पर अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को किसानों के खिलाफ लठ्ठ उठाने और हिंसा करने के लिए उकसा रहे हैं।

इस घटना से यह साफ हो जाता है कि संवैधानिक पदों पर बैठे इस व्यक्ति अपने पद का उपयोग शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे किसानों के विरुद्ध सुनियोजित हिंसा के लिए कर रहे हैं। यह कानून संविधान और देश के प्रति अपराध है। इसलिए हिमाचल किसान सभा ने राष्ट्रपति से मांग करती है कि केंद्र राज्य गृह मंत्री अजय मिश्र टेनी को तुरंत पद से बर्खास्त किया जाए और उनके विरुद्ध हिंसा उकसाने और सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने का मुकदमा दायर किया जाए। मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा और उसके साथी गुंडों पर तुरंत 302 का मुकदमा दर्ज हो और उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए इस वारदात की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक एसआईटी द्वारा की जाए। संवैधानिक पद पर रहते हुए हिस्सा के लिए उकसाने के दोषी हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को उनके पद से बर्खास्त किया जाए।

किसान सभा के सदस्य सरचंद ने बताया कि पिछले कल लखीमपुर खीरी में सरकार जो कि इस प्रकार के हथकंडे अपना रही है जिसके विरोध में आज हिमाचल किसान सभा ने एक रोष रैली निकाली है। उन्होंने कहा कि आज हमें यह याद दिलाता है कि जलियांवाला बाग हत्याकांड जो हुआ था वह अंग्रेजों ने किया था। आज उसी तर्ज पर भाजपा सरकार ने दर्शाया है। आज भी अंग्रेजों की जासूस है आज भी यही आरएसएस के लोग इस घिनौनी हरकत पर आए हैं कि उन्होंने निहत्थे किसानों पर किस प्रकार से गाड़ियों से रौंदा है और यह गोलियां भी चलाते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल 26 जनवरी के दौरान भी यह कुकृत्य किया है। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में जो किसानों को उकसाने के लिए यह कृत्य किया है वह निंदनीय हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों ने 11 माह में किसी प्रकार की उकसाने वाली कार्रवाई नहीं की है और शांतिपूर्वक तरीके से आज भी आंदोलन को जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज यह धरना प्रदर्शन किसानों की बर्बरता हत्या को लेकर किया है। उन्होंने कहा कि यह अंग्रेजों की औलाद है और अंग्रेजों के पदचिन्ह पर चल रहे हैं। जिसके विरोध में आज यह धरना प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ही विरोध का भयानक होगा। उन्होंने कहा कि अभी पांच राज्यों में चुनाव होने वाले हैं और जनता इन्हें सबक सिखाएगी। जो यह करना चाहते हैं उसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि यह आज किसानों को रौंद रहे हैं किसान और जनता मिलकर चुनावों के समय इनकी सरकारों को रौंद देगी उन्होंने कहा कि अजय मिश्रा मिश्रा जो केंद्रीय राज्य उनके बेटे आशीष मिश्रा ने इस प्रकार से किसानों को अंजाम दिया है उसे गिरफ्तार किया जाए और उसे सलाखों के पीछे डाला जाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार हत्यारों को सुरक्षा प्रदान करती है और दूसरी तरफ गरिवों को मारा जाता है गाड़ियों से रौंदा जाता है और गोलियां चलाई जाती है। इसलिए यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है जब तक इन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाता है और यह विरोध तब तक जारी रहेगा। जिसकी राष्ट्रीय स्तर पर इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है।

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