हिमाचली सेबों के दामों में 200 से 300 रुपये का उछाल, 1300 पेटी पहुंची कीमत

सेब के औसत रेट में बीते माह के मुकाबले 200 से 300 रुपये की तेजी आई है। 20 दिन पहले सेब के औसत रेट 800 से 1000 रुपये प्रति पेटी थे। यह अब 1200 से 1300 रुपये पहुंच गए हैं।

हालांकि, बीते साल के मुकाबले अभी भी रेट कम हैं। पिछले साल सितंबर में बढ़िया क्वालिटी के सेब के औसत रेट 1400 से 1500 रुपये प्रति पेटी थे। सेब खरीद कर रही कॉरपोरेट कंपनियों ने भी कीमतों में 2 से 6 रुपये की बढ़ोतरी की है। सेब की कम कीमतों के मुद्दे पर संघर्ष कर रहा संयुक्त किसान मंच इसे अपने आंदोलन का प्रभाव बता रहा है।

इस साल बेमौसम बर्फबारी और ओलावृष्टि के कारण सेब की फसल प्रभावित हुई है। सेब का साइज नहीं बढ़ पाया और ओले के दाग भी हैं। बावजूद इसके मंडियों में छोटे आकार के सेब (पित्तू) की कीमतें भी सुधर रही हैं। 20 दिन पहले ऐसा सेब 800 से 1000 रुपये पेटी बिक रहा था। अब इसके दाम 1200 से 1400 रुपये पेटी हो गए हैं। ओले से क्षतिग्रस्त सेब के रेट अभी भी 300 से 600 रुपये चल रहे हैं। बीते साल सेब पर ओलों की मार कम थी, जिसके चलते सितंबर में औसत रेट 1500 रुपये तक थे। बीते साल के मुकाबले इस साल सेब की प्रति पेटी लागत में 20 से 30 फीसदी इजाफा हुआ है। लागत के अनुपात में कीमतें नहीं बढ़ी हैं।

सरकार गंभीर नहीं इसलिए नहीं मिल रही लागत : संजय
संयुक्त किसान मंच के सह संयोजक संजय चौहान ने बताया कि किसानों-बागवानों के आंदोलन का परिणाम है कि मंडियों में 7 लेयर पित्तु सेब के रेट 300 से 400 रुपये तक बढ़े हैं। कॉरपोरेट कंपनियां जो हमेशा रेट गिराती थीं इस बार रेट बढ़ा रही हैं। हालांकि, सरकार अभी भी अपनी जिम्मेवारी नहीं निभा रही। सरकार गंभीर होती तो एमआईएस के तहत ए, बी और सी ग्रेड के 60, 44 और 24 रुपये के रूप में लागत निकल जाती।

स्टोर क्वालिटी के सेब को सही दाम दे रहे खरीदार : हरीश
आढ़ती एसोसियेशन पराला के अध्यक्ष हरीश ठाकुर ने बताया कि सेब की कीमतों में सुधार आया है। छोटे आकार का सेब 1400 रुपये तक बिक रहा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों के सेब को बढ़िया क्वालिटी के चलते स्टोर किया जा सकता है इसलिए खरीदार सही रेट दे रहे हैं। पिछले साल के मुकाबले रेट अभी भी कम है क्योंकि पिछले साल सेब की क्वालिटी बढ़िया थी, ओलों की मार नहीं थी।

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