मुख्यमंत्री के गृह जिले के करसोग में प्रसव पीड़ा झेलती रही गर्भवती महिला, नही मिली एम्बुलैंस

सरकार ने रक्षाबंधन के दिन प्रदेश में महिलाओं को बसों में मुफ्त सफर करवाया। वहीं, करसोग में प्रसव पीड़ा से तड़पती महिला को जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिला।

महिला को एंबुलेंस नहीं मिल सकी। अस्पताल प्रांगण में चार एंबुलेंस खड़ी होने के बावजूद पति 3500 रुपये खर्च कर पत्नी को टैक्सी से कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) शिमला ले गया।

उपमंडल के तहत चुराग के मंडोली गांव से रविवार को भूपेश कुमार अपनी पत्नी स्नेहा कुमारी को प्रसव के लिए सिविल अस्पताल लाए। महिला को प्रसव के लिए 22 अगस्त की तारीख दी गई थी। यहां पर डाक्टर ने प्रसव के लिए आधुनिक उपकरण की सुविधा न होने का तर्क देकर गर्भवती महिला को केएनएच शिमला रेफर कर दिया। महिला के पति व स्वजनों ने अस्पताल में एबुलेंस के लिए संपर्क किया। परिसर में चार एबुलेंस खड़ी होने के बाद भी गर्भवती महिला को एबुलेंस सुविधा देने से मना किया गया। स्वजनों ने 108 नंबर पर संपर्क किया जहां से संबंधित डाक्टर से बात करवाने के लिए कहा गया। स्वजनों का आरोप है कि डाक्टर ने 108 नंबर पर व्यक्ति से बात करने से मना कर दिया। थक हारकर इसकी शिकायत मुख्यमंत्री सेवा संकल्प योजना के 1100 नंबर पर की गई लेकिन फिर भी कोई समाधान नहीं हुआ। पत्नी को तड़पता देख भूपेश ने 3500 रुपये में टैक्सी की और उसे शिमला ले गए। वहीं, बीएमओ कंवर सिंह गुलेरिया ने कहा कि वह बैठक के लिए मंडी आए हैं। इस मामले की जांच की जाएगी।

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