45 किमी से बाहर नही जाना चाहता पुलिस इंस्पेक्टर; अब न्यायालय लिया स्टे

हिमाचल पुलिस में तबादले तो होते रहते है लेकिन कई ऐसे अधिकारी है जो एक स्टेशन को छोड़ कर दूसरी जगह जाना ही नही चाहते। कोई राजनेता का सहारा लेता है तो कुछ न्यायालय की शरण में चले जाते है। ऐसा ही एक मामला सोलन जिले में देखने को मिला है। जहाँ एक इंस्पेक्टर पिछले 10 सालों से महज 45 किमी के दायरे में नौकरी कर रहा है और कहीं दूर जाना ही नही चाहता।

जानकारी के मुताबिक मामला परवाणू के थाना प्रभारी रविंदर कुमार से जुड़ा हुआ है। परवाणू के थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर रैंक पर 2011 में भर्ती हुए थे और पहली नियुक्ति जनवरी 2011 में शिमला में हुई थी। उसके बाद जिला सोलन के दाड़लाघाट में रहे, उसके बाद प्रमोशन हुई तो सीआईडी में बतौर इंस्पेक्टर शिमला के सदर थाना में रहे, और अब सोलन के परवाणू में सेवाएं दे रहे है।

पिछले दस वर्षों में पैतालीस किलोमीटर के भीतर सेवाएं देने वाले अधिकारी को नहीं गवारा हुआ तबादला और परवाणू के प्रभारी बने रहने के लिए माननीय न्यायालय में दबादल आदेश पर रोक लगवाने पहुंच गये। यह अधिकारी अपनी मर्ज़ी से तबादला लेते हैं ताकि मर्जी के स्टेशन भी मिलते रहें और प्रशासन की नज़रों में तबादला सूची में भी बने रहें। इनका कहना है कि वर्तमान स्टेशन पर इनका कार्यकाल पूरा नहीं हुआ है। हालांकि अभी मामला माननीय न्यायालय में लंबित है पर आखिर क्या बजह है कि कुछ अधिकारियों का एक ही स्टेशन पर बने रहने का मोह नहीं छूटता है।
अब या तो यही कहा जा सकता है कि जिसकी चलती है उसकी क्या गलती है और बाकी शासन प्रणाली लाचार है।

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