बल्ह में शमशान घाट पर अंतिम संस्कार से रोका तो बुलानी पड़ी पुलिस

रिवालसर: बल्ह थाना क्षेत्र के अंतर्गत पंचायत गलमा स्थित एक पुश्तैनी श्मशानघाट में शव जलाने को लेकर उपजे विवाद के कारण दाह संस्कार को लेकर पुलिस की सहायता लेनी पड़ी। जानकारी के अनुसार गलमा के साथ लगती पंचायत ट्रोह के गांव बुशहर के एक व्यक्ति की मृत्यु होने पर जब उसके शव को दाह संस्कार के लिए श्मशानघाट लाया गया तो वहां नजदीक रह रहे एक परिवार के लोगों ने यहां शव जलाने को लेकर अपनी आपत्ति जाहिर की। विवाद ज्यादा न बढ़े इस बात को मद्देनजर रखते हुए स्थानीय पंचायत प्रधान तथा अन्य जनप्रतिनिधियों व बुद्धिजीवी लोगों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए स्थानीय पुलिस की सहायता लेते हुए दाह संस्कार करवाया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत गलमा स्थित कोटलू नाला में सदियों पुराना पुश्तैनी श्मशानघाट है, जिस पर 3 पंचायतों के करीब 200 परिवारों में से अगर किसी के घर में कोई मृत्यु होती है तो उस व्यक्ति का दाह संस्कार इसी श्मशानघाट पर किया जाता है। लोगों का कहना है कि श्मशानघाट से करीब 200 मीटर ऊपर एक स्थानीय व्यक्ति पिछले करीब 2 वर्ष से अपने लिए नए मकान का निर्माण कार्य करवा रहा है तथा इसी परिवार के लोगों को यहां के श्मशानघाट पर दाह संस्कार करने को लेकर आपत्ति है।

वहीं इसी श्मशानघाट को लेकर पंचायत प्रधान गलमा कंचन शर्मा ने बल्ह थाना में शिकायत दर्ज करवाई है कि ग्राम पंचायत द्वारा वुशहर नाले में श्मशानघाट का निर्माण किया जा रहा है लेकिन एक स्थानीय व्यक्ति निर्माण कार्य को लेकर विरोध में है। वहीं शनिवार प्रात: देखा गया है कि श्मशानघाट के तीनों पिल्लर काटकर जमीन पर गिरा दिए गए हैं। पंचायत प्रधान ने सरकारी संपत्ति को नुक्सान पहुंचाने वाले शरारती तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मामले की पुष्टि आईपीएस अधिकारी मंडी विवेक चहल ने की है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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