किन्नौर; पहाड़ बचाने के लिए सड़कों पर उतरे लोग, कहा, जब तक जिंदा है नही लगने देंगे नए बिजली प्रोजेक्ट

किन्नौर (Kinnaur) की पहाड़ियों के दरकने की आवाज ने लोगों के कानों के पर्दों को खोल दिया है। जिसका नजारा किन्नौर के रिकांगपिओ में देखने को मिला। रिकांगपिओ में आज लोगों ने जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माणाधीन कार्यों को रोकने के लिए जनाक्रोश रैली निकाली।

इस रैली में हजारों लोगो ने जमकर नारेबाज़ी भी की। इस रैली में मौजूद लोगों ने कहा कि जिले के अंदर जलविधुत परियोजनाओं का निर्माण किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे।

हिमाचल प्रदेश का सीमांत क्षेत्र जिला किन्नौर में #Save Kinnaur अभियान के तहत जंगी ठोपन जलविद्युत परियोजना का विरोध किया गया। साथ ही भविष्य में इसका काम शुरू न हो इसलिए भी ऊपरी किन्नौर के लोगों ने सरकार (Government) से मांग की है कि जलविद्युत परियोजनाओं को रोका जाए। क्योंकि किन्नौर में जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माणाधीन कार्यों के बाद से भूस्खलन की घटनाओं में तेजी आई है। जिसके चलते जिले के दर्जनों लोगों ने अपनी जान भी गंवाई है। जिले के निचार पंचायत प्रधान राजपाल नेगी व रारंग पंचायत के उप प्रधान रणजीत नेगी का कहना है कि जब तक जान है तब तक अब जिले में दोबारा जलविद्युत परियोजनाओं को बनने नहीं देंगे।

उक्त लोगों का कहना है कि आज रिकांगपिओ में इस जलविद्युत परियोजनाओं के खिलाफ जनाक्रोश रैली इसलिए निकाली है, क्योंकि जिले में आये दिन नदी नालों पर छोटे से लेकर बड़े जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माणाधीन कार्यों के चलते लैंडस्लाइड की घटना होती है। चट्टानें खिसक रही है। जिससे लोगों की जान जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों के मकानों में दरार आने से लोगों ने अपने आशियाने भी खोए हैं। ऐसे में अब जिले में जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण को रोकने के लिए लगातार संघर्ष करेंगे।

error: Content is protected !!