सरकारी राशन की दुकानों से तेल खरीदने से लोग कर रहे परहेज, गुणवत्ता पर भी उठे सवाल

Himachal News: राशन डिपुओं में सरसों तेल के दाम बढ़ने के बाद अब लोगों ने बाजार से तेल खरीदना शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि डिपुओं में मिलने वाले तेल की गुणवत्ता भी सही नहीं है। इसलिए थोड़े ज्यादा पैसे खर्च कर बाजार से सरसों तेल खरीद लेंगे। गौरतलब है कि राशन डिपुओं में मई महीने तक सब्सिडी के साथ सस्ते दाम पर सरसों का तेल मिलता रहा है।

दो माह पहले कोरोना कर्फ्यू के दौरान सरसों तेल के भाव 190 से 200 रुपये लीटर तक पहुंच गए थे। उस दौरान राशन डिपुओं में मिलने वाले 103 रुपये लीटर सरसों तेल से लोगों को काफी राहत मिली। हालांकि, जून से राशन डिपुओं में सरसों तेल का भाव एपीएल कार्डधारकों के लिए बढ़कर 160 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

सस्ते राशन की श्रेणी में आने वाले कार्डधारकों को यह 155 रुपये लीटर मिल रहा है। इस तेल की गुणवत्ता को लेकर ग्राहक बार-बार सवाल उठाते रहे हैं। दूसरी तरफ, बाजार में सरसों तेल के मूल्य में गिरावट आई है। अब यह क्वालिटी के हिसाब से 165 से 180 रुपये लीटर मिल रहा है। पंचायत कोपड़ा से बीना देवी, दर्शना देवी, निर्मला देवी और कमला देवी ने बताया कि पांच से बीस रुपये अधिक अधिक खर्च कर बाजार से अच्छी गुणवत्ता का तेल खरीदना ही सही है।

जुलाई में 20 रुपये तक कम होंगे दाम : मंत्री
हिमाचल प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री राजिंद्र गर्ग ने बताया कि उपभोक्ताओं को राहत देने के प्रयास किए जा रहे हैं। अगले महीने से राशन डिपुओं में मिलने वाले सरसों तेल के दाम में दस से बीस रुपये की कमी आएगी।

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