Himachal: निजी स्कूलों की मनमानी से अभिभावक परेशान, जताया विरोध

शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की राजधानी शिमला में इन दिनों अभिभावक निजी स्कूलों की मनमानी से खासे परेशान हैं. इनकी परेशानी का कारण शैक्षणिक सत्र में महज एक पखवाड़े के लिए स्कूल (School) को खोलना है.

दरअसल, कोविड महामारी के कारण अभी तक स्कूल बंद थे. लेकिन सरकार ने चरणबद्ध तरीके से स्कूल खोले. साथ ही विंटर क्लोजिंग (Winter Closing) वाले स्कूल को लेकर भी कुछ निर्देश दिए. लेकिन निजी स्कूल सरकार के आदेशों को दरकिनार कर सभी बच्चों को स्कूल बुला रहे हैं. वहीं, जो छात्र स्कूल नहीं आ रहे हैं, उनके खिलाफ एक्शन तक लिया जा रहा है. जिस कारण अभिभावक परेशान हैं. यही नहीं कुछ स्कूलों ने अभी तक जारी ऑनलाइन पढ़ाई भी बन्द कर दी है. जबकि सरकार ने स्पष्ट कह रखा है कि ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखी जाए.

उधर, अभिभावकों को एक पखवाड़े के लिए जहां बच्चों की वर्दी खरीदनी पड़ रही है, वहीं टैक्सी का प्रबंध भी करना पड़ रहा है. इसके लिए उनपर एकदम से अधिक आर्थिक बोझ पड़ गया है. ऐसी कई अन्य दिक्कतों को लेकर अभिभावक छात्र अभिभावक मंच के बैनर तले डीसी के द्वार पहुंचे और सारी व्यथा उनके सामने रखी और हस्तक्षेप की मांग की.

अनावश्यक रूप से प्रताड़ित हो रहे अभिभावक

मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा कि निजी स्कूल अभिभावकों को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं. कई निजी स्कूलों ने जहां ऑनलाइन पढ़ाई बन्द कर दी, वहीं सभी बच्चों को स्कूल बुलाना आवश्यक कर दिया है. इस कारण जहां छोटे बच्चों में कोविड संक्रमण का खतरा बढ़ गया है, वहीं अभी तक ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे बच्चों पर और भी अनावश्यक दबाब आ गया है. इसलिए उनकी मांग है कि ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखी जाए साथ ही ऑनलाइन परीक्षाएं ली जाएं.

शैक्षणिक सत्र खत्म होने पर स्कूल न बुलाए जाएं छात्र

उधर ,अभिभावकों ने कहा कि शैक्षणिक सत्र की समाप्ति पर एकाएक सभी बच्चों को स्कूल बुलाने का निर्णय सही नहीं है. उनके मुताबिक पिछले दो सालों से ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है ऐसे में एक दम से छात्रों को स्कूलों बुलाने का निर्णय सही नहीं है जिससे बच्चों पर अनावश्यक दबाब बन रहा है.जिससे संक्रमण होने का खतरा बना हुआ है.उन्होंने मांग की है कि ऑनलाइन भी पढ़ाई जारी रखी जाए और ऑनलाइन ही परीक्षाएं आयोजित की जाए.

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