ओंकार शर्मा को फिर राजस्व विभाग, तीन आईएएस को अतिरिक्त कार्यभार

हिमाचल सरकार ने चार आईएएस अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार दिए हैं। जनजातीय विभाग और तकनीकी शिक्षा देख रहे ओंकार शर्मा को प्रधान सचिव राजस्व का कार्यभार दिया गया है।

कुछ महीने पहले उनसे राजस्व महकमा वापस लिया गया था। अब दोबारा दे दिया गया है। निशा सिंह को अतिरिक्त मुख्य सचिव आयुर्वेद, संजय गुप्ता को वित्तायुक्त अपील, प्रबोध सक्सेना को अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यावरण, विज्ञान और तकनीकी के अलावा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।

केके पंत एनपीपीए अध्यक्ष नियुक्त
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी केके पंत को भारत सरकार में नेशनल फार्मासियूटिकल प्राइसिंग अथारिटी(एनपीपीए) नई दिल्ली का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राज्य सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी। उनकी यह नियुक्ति हिमाचल सरकार की संस्तुति के बाद केंद्र सरकार ने पहले ही कर दी थी। केके पंत इससे पहले प्रधान सचिव राजस्व एवं वित्तायुक्त राजस्व के पद पर नियुक्त रहे हैं। उनके पास प्रधान सचिव पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का भी कार्यभार रह चुका है। मुख्य सचिव रामसुभग सिंह ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।

ओंकार शर्मा को जयराम सरकार में तीसरी बार मिला राजस्व महकमा आईएएस अधिकारी ओंकार शर्मा को जयराम सरकार में फिर तीसरी बार राजस्व महकमा दे दिया गया है। उनसे कुछ महीने पहले ही यह महकमा वापस लिया गया था। सूत्रों के अनुसार एक राजनेता के दबाव से उनसे यह महकमा वापस लेने और फिर देने का खेल चलता रहा। शनिवार को ओंकार शर्मा को फिर यह महकमा दिया गया तो यह चर्चा रही कि ऐसी क्या मजबूरी रही कि इस महकमे को उनसे वापस लेने और फिर देने का खेल चलता रहा। यह एक पहेली बनी हुई है। केके पंत के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद उन्हें यह महकमा फिर दे दिया गया है।

राजस्व महकमे में भू सुधार एवं मुजारियत अधिनियम की धारा 118 के तहत राज्य से बाहर के लोगों को निवेश और अन्य कारणों से भूमि खरीद की मंजूरी दी जाती है। इन्वेस्टर मीट के बाद इस तरह की मंजूरियां बड़ी संख्या में दी जा रही हैं। इस धारा के तहत वाजिब लोगों को मंजूरी देने की बड़ी चुनौती रहती है। इस धारा के दुरुपयोग को लेकर भी यह महकमा कई बार विवादित हो चुका है। ओंकार शर्मा को कानून-कायदों की सीधी लकीर पर चलने वाला अधिकारी माना जाता है। इस वजह से भी एक राजनेता की उनसे इस विभाग को बार-बार वापस लेने की भूमिका आंकी जाती रही है। जनजातीय विभाग और तकनीकी शिक्षा देख रहे ओंकार शर्मा को अब फिर प्रधान सचिव राजस्व का कार्यभार दिया गया है।

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