एचपीयू से तीन छात्रों के निष्कासन पर भड़की एनएसयूआई, कहा, भ्रष्टाचार को बढ़ावा से रहा कुलपति

शिमला : विश्वविद्यालय में तीन छात्रों के निलंबन पर एनएसयूआई भड़क गई है। एनएसयूआई ने आरोप लगाया है कि कुलपति ने यह कार्यवाही बदले की भावना से की है। एनएसयूआई के छात्र छात्रों की मांगों को लेकर कुलपति से मिलने की कोशिश कर रहे थे लेकिन तानाशाही के बल पर तीन छात्रों को निष्काषित किया गया है।

एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष छतर सिंह ने कहा कि बीते कल विश्वविद्यालय ने तुगलकी फरमान निकाला। जिसमें लाइब्रेरी व होस्टल को बंद किया गया। जिसको लेकर जब कुलपति को ज्ञापन दिया गया व घेराव किया। यह शांतिपूर्ण धरना था लेकिन सत्ता के नशे में चूर कुलपति ने एनएसयूआई के तीन छात्रों को निलंबित कर दिया।

उन्होंने कहा कि यह कार्यवाही बदले की भावना से किया गया है। कुलपति ने गलत तरीके से अपने बेटे को पीएचडी में दाखिला करवाया है। जिसके खिलाफ एनएसयूआई लगातार आवाज उठाई है। इसी के चलते कुलपति ने यह कार्यवाही की। उन्होंने कहा कि यह कुलपति विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। विश्वविद्यालय में शिक्षा के स्तर के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। विश्विद्यालय में हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ कार्यवाही नही होती है। नियमों को ताक पर रख कर भर्तियां हो रही है। उन्होंने कहा कि जब तक वह भ्रष्ट कुलपति को विश्वविद्यालय से खदेड़ नहीं लेते उनका सड़क से सचिवालय तक प्रदर्शन जारी रहेगा। और एनएसयूआई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।

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